मिलिए सबसे युवा सरपंच अंजू से

महेंद्रगढ़ की अंजू बनीं हरियाणा की सबसे युवा सरपंच

बधाई हो….मिलिए सबसे छोटी सरपंच से

महेंद्रगढ़ की अंजू बनीं हरियाणा की सबसे युवा सरपंच

मिलिए सबसे युवा सरपंच,अंजू से

मिलिए सबसे युवा सरपंच अंजू से

4/11/2022
निधि मीडिया न्यूज हरियाणा

महेंद्रगढ़ हरियाणा

गांव में पहली बार बेटी के सिर पर सजा ताज

अंजू के पिता डॉ. नरेश ने बताया कि बेटियों ने समय-समय पर

अपनी प्रतिभा के दम पर जिले का गौरव बढ़ाया है।

ग्रामीणों ने जो मान-सम्मान दिया है, उसका ऋणी रहेगा।

बेटी को गांव की सरपंच बनाना अब प्रदेशभर की बेटियों के लिए एक मिसाल बनेगा।

नवनिर्वाचित सरपंच अंजू। हरियाणा के महेंद्रगढ़ उपमंडल के गांव खुडाना

की अंजू प्रदेश में सबसे कम उम्र की सरपंच बनी हैं। 10 हजार की आबादी

वाले गांव खुडाना के ग्रामीणों ने 21 वर्ष एक माह 18 दिन की बेटी अंजू को गांव

की चौधर का ताज सौंपा है। इससे पूर्व फतेहाबाद निवासी शिवानी पाठक 21 साल, दो

मिलिए सबसे युवा सरपंच अंजू से

माह 2 दिन की उम्र में सरपंच बनी थीं लेकिन अंजू ने कम उम्र में सरपंच

बनकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा गांव खुडाना में भी पहली बार बेटी सरपंच बनी है।

वर्तमान में बीएएमएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। डॉक्टर नरेश सिंह तंवर की बेटी

अंजू ने अपनी प्रतिद्वंद्वी महिला उम्मीदवार को 244 मतों से मात दी है।

पिछली चार सदी के दौरान क्षेत्रफल की दृष्टि से महेंद्रगढ़ जिले के सबसे बड़े गांव खुडाना से

अलग होकर 28 ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आ चुकी हैं। 20 किलोमीटर के

दायरे में फैला 6700 मतदाताओं व 10 हजार की आबादी वाला यह गांव

राजनीतिक दृष्टि से भी जिलेभर में विशेष पहचान रखता है।

प्राचीन समय से ही यह गांव जिलेभर में विशेष स्थान रखता है।

तीन छोर से पहाड़ियों से घिरा यह गांव प्रत्येक विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पिता बोले- बेटियों के लिए मिसाल बनेगी अंजू

अंजू के पिता डॉ. नरेश ने बताया कि बेटियों ने समय-समय पर

अपनी प्रतिभा के दम पर जिले का गौरव बढ़ाया है। ग्रामीणों ने जो मान-सम्मान दिया है

मिलिए सबसे युवा सरपंच अंजू से

उसका ऋणी रहेगा। बेटी को गांव की सरपंच बनाना अब प्रदेशभर की बेटियों के लिए एक मिसाल बनेगा।

ग्रामीणों ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास रहेगा।

वर्तमान में गांव की आबादी के अनुसार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

सबसे बड़ी समस्या पेयजल, साफ-सफाई, कच्ची गलियां, सीवर नहीं होना,

बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, दूषित पानी की निकासी न होना आदि हैं।

वहीं खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं लचर हैं। बिजली, पानी, शिक्षा स्वास्थ्य, खेल

आदि पर प्राथमिकता से योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।

सभी को साथ लेकर गांव का संपूर्ण विकास कराना लक्ष्य रहेगा।
रिपोर्ट
वीरेंद्र सोनी
ब्यूरो चीफ हरियाणा
निधि मीडिया न्यूज

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