सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती

19 को याचिका पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने वैधता को चुनौती

देने वाली जनहित याचिका को स्वीकार किया; 19 को याचिका पर सुनवाई

वक्फ रखवालों में दहशत जमीयत उलेमा-ए-हिंद जनहित याचिका के

खिलाफ वक्फ अधिनियम के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट पहुंची और इसे रद्द करने के लिए कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती

इस कानून में वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति

को वक्फ संपत्ति पंजीकृत करने की असीमित शक्ति दी गई है।

जबकि हिंदू जैन बौद्ध सिख और अन्य समुदायों के पास अपनी

संपत्तियों को वक्फ संपत्ति में दर्ज होने या

उस सूची में शामिल होने से बचाने का कोई उपाय नहीं।

वक्फ कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

वाराणसी के स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका

दाखिल कर वक्फ कानून की धारा 4,5,6,7,8,9 को समानता के मौलिक

अधिकार का उल्लंघन बताते हुए रद करने की मांग की है।

इसके साथ ही याचिका में सभी धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट के लिए

समान कानून बनाने का भी अनुरोध किया है। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती

क्योंकि शुक्रवार को पहले से ही अश्विनी उपाध्याय की एक याचिका सुनवाई पर लगी है।

इसमें दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित वक्फ कानून को चुनौती देने वाली उनकी रिट

याचिका सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की गई है।

स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने वकील अतुलेश कुमार के जरिये दाखिल याचिका

में यह भी मांग की है कि कोर्ट घोषित करे या निर्देश दे कि

दो समुदायों के बीच धार्मिक संपत्ति के विवाद सीपीसी की धारा

नौ के तहत सिर्फ दीवानी अदालत में तय किए जाएंगे, न कि ट्रिब्यूनल में तय होंगे।

 

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