
100 किलो और 65 किलो वाले खिलाड़ी में फर्क
निक पोथास ने कहा कि 100 किलोग्राम और 65 किलोग्राम वाले खिलाड़ी में फर्क है।
उन्होंने कहा कि, उनके पास बहुत ज्यादा मजबूत खिलाड़ी हैं। हम आपकी ताकत और
कंडीशनिंग पर काम कर रहे हैं लेकिन आप जेनेटिक्स से नहीं लड़ सकते। साउथ अफ्रीका
के पोथास ने फिर इस मुद्दे को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि, अगर एक खिलाड़ी का
वजन 95-100 किलो है और दूसरे का 65 किलो है, तो स्वाभाविक रूप से ज्यादा वजन
वाला खिलाड़ी गेंद को ज्यादा दूर तक मारेगा। बेशक टाइमिंग और तकनीक अहम है
और हम लगातार उन पहलुओं पर काम कर रहे हैं। पोथास ने भारतीय बल्लेबाजों की
पावर-हिटिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इंडियन प्रीमियर लीग को भी श्रेय दिया।
उन्होंने कहा कि, आपको आईपीएल को भी देखना चाहिए। ये दुनिया की सबसे अच्छा
टूर्नामेंट है जिसमें टॉप लेवल वाले खिलाड़ी हैं। आईपीएल खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच
के लिए तैयार करता है। भारत के छक्के मारने की तुलना हमारे साथ करना वैसा ही है
जैसे वेस्टइंडीज ने हमारे मुकाबले कितने छक्के लगाए हैं।