Cheteshwar Pujara बोले- England लगता है दूसरा घर

Cheteshwar Pujara बोले- England लगता है दूसरा घर
Cheteshwar Pujara बोले- England लगता है दूसरा घर

(चेतेश्वर पुजारा ने अपने टेस्ट करियर के दौरान आस्ट्रेलिया में कुछ बेहतरीन पारियां

खेली लेकिन हाल ही में एमसीसी की आजीवन सदस्यता पाने वाले इस पूर्व भारतीय

बल्लेबाज ने कहा कि इंग्लैंड उन्हें दूसरे घर जैसा लगता है। भारतीय टीम के साथ

तीन बार इंग्लैंड का दौरा करने वाले पुजारा काउंटी क्रिकेट में कई टीमों के लिए

खेल चुके हैं। उन्होंने राजकोट के बाद अपना सबसे अधिक समय इंग्लैंड में बिताया

है।प्रसिद्ध लॉर्ड्स स्टेडियम में स्थित मैरीलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की मानद

आजीवन सदस्यता से सम्मानित पुजारा ने कहा, ‘‘ मैं काउंटी क्रिकेट में काफी

खेला हूं। इसलिए जब आप वहां बहुत क्रिकेट खेलते हैं तो आपको घर जैसा

महसूस होने लगता है। मेरे लिए एमसीसी का हिस्सा बनना बहुत खुशी और

सौभाग्य की बात है।’’ इस 38 वर्षीय खिलाड़ी ने पीटीआई को दिए गए साक्षात्कार

में कहा, ‘‘एमसीसी की मानद सदस्यता मिलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।

एक क्रिकेटर के तौर पर जब आपने अपने पूरे करियर में कड़ी मेहनत की हो

और जब उसे पहचान मिले तो फिर आपको अपनी उपलब्धियों पर गर्व महसूस

होता है।’’ पुजारा ने लॉर्ड्स में जो तीन टेस्ट मैच खेले हैं, उनमें से भारत ने दो मैच

जीते। भारत की तरफ से वह इस ऐतिहासिक मैदान पर शतक नहीं लगा पाए

लेकिन उन्होंने ससेक्स की तरफ से खेलते हुए यहां दोहरा शतक लगाया है।

भारत की तरफ से 103 टेस्ट मैच खेलने वाले पुजारा दुनिया के सभी प्रसिद्ध

मैदानों पर खेले हैं लेकिन लॉर्ड्स में खेलने का अनुभव कुछ अलग ही होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘लॉर्ड्स में क्रिकेट खेलने और वहां क्रिकेट देखने की मेरी कुछ अच्छी यादें हैं।

2011 में मेरे घुटने की सर्जरी लंदन में हुई थी और इसके लिए जब मैं वहां डॉक्टर

से सलाह ले रहा था, तो मैंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड का का दौरा किया। क्योंकि

उससे पहले मैं कभी लॉर्ड्स में नहीं खेला था।’’ पुजारा ने कहा, ‘‘जब आप उस

मैदान में कदम रखते हैं, तो उसका एक अलग ही माहौल और अलग ही ऊर्जा

होती है। जब आप एमसीसी के आजीवन सदस्य बन जाते हैं, तो आपको वहां जाकर

क्रिकेट देखने का विशेषाधिकार मिल जाता है। मेरा बचपन से ही सपना था कि

मैं वहां क्रिकेट खेलूं।’’ लॉर्ड्स में खेलना चुनौतीपूर्ण है और पुजारा ने भी यह स्वीकार

किया। उन्होंने कहा, ‘‘वहां की पिच पर जमने में समय लगता है। एक बल्लेबाज के

रूप में आपको क्रीज पर पर्याप्त समय बिताना होता है और फिर अपने शॉट खेलने

शुरू करने होते हैं।इसलिए यह किसी भी बल्लेबाज के लिए थोड़ी चुनौतीपूर्ण पिच है।

यदि आप वहां की ढलान से अच्छी तरह परिचित नहीं हैं, तो आपको परेशानी हो

सकती है।’’ पुजारा ने कहा, ‘‘इसके लिए आपको अपने बल्लेबाजी के तरीके में कुछ

बदलाव करने होते हैं। लेकिन एक बार जब आप उससे सामंजस्य से बिठा लेते हैं तो

यह बल्लेबाजी के लिए एक शानदार पिच है। उसकी आउटफील्ड भी काफी शानदार

है। अगर मैं अपने क्रिकेट करियर में कुछ बदलना चाहूं, तो मुझे लगता है कि लॉर्ड्स

में शतक बनाना एक बड़ी उपलब्धि होती।’’पुजारा का ऑस्ट्रेलिया में अच्छा रिकॉर्ड

रहा है लेकिन भारत के बाद इंग्लैंड वह जगह है जहां उन्होंने अपने खेल का भरपूर

का आनंद लिया। उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक ​​अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात है, तो ऑस्ट्रेलिया

में मेरा रिकॉर्ड शानदार रहा है।

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