
हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन साफ, हेल्दी और नैचुरली ग्लोइंग दिखे। इसके लिए लोग
महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स से लेकर तरह-तरह के घरेलू नुस्खे तक अपनाते हैं। लेकिन आयुर्वेद
की मानें तो खूबसूरत त्वचा सिर्फ क्रीम और सीरम से नहीं मिलती, बल्कि आपकी रोजमर्रा की
आदतों का भी इसमें बड़ा रोल होता है।कई बार हम अनजाने में ऐसी चीजें करते रहते हैं जो
धीरे-धीरे हमारी स्किन का नैचुरल ग्लो कम कर देती हैं। अगर आपकी त्वचा पहले जैसी
चमकदार नहीं दिख रही है, तो इसकी वजह बढ़ती उम्र से ज्यादा आपकी लाइफस्टाइल भी
हो सकती है। कई बार छोटी-छोटी आदतों में बदलाव ही आपकी स्किन को वह चमक लौटा
सकता है, जिसे पाने के लिए लोग हजारों रुपये खर्च कर देते हैं।
खाने के तुरंत बाद फल खाना
कई लोग लंच या डिनर के बाद फलों को हेल्दी डेजर्ट समझकर खाते हैं। लेकिन आयुर्वेद
के अनुसार फलों का पाचन बाकी भोजन से अलग तरीके से होता है। भारी भोजन के तुरंत
बाद फल खाने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और अपच
जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। जब पाचन तंत्र सही तरह से काम नहीं करता, तो उसका
असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देने लगता है।आजकल ज्यादातर लोग मोबाइल स्क्रॉल
करते हुए, लैपटॉप पर काम करते हुए या मीटिंग के बीच में खाना खा लेते हैं। यह आदत
भले ही सामान्य लगती हो, लेकिन आयुर्वेद इसे सही नहीं मानता। आयुर्वेद के अनुसार
भोजन करते समय पूरा ध्यान खाने पर होना चाहिए। जल्दबाजी या ध्यान भटकने की स्थिति
में शरीर पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता, जिसका असर स्किन की
हेल्थ पर भी पड़ता है।सोशल मीडिया पर फेस आइसिंग काफी ट्रेंड में है। लोग इसे स्किन
को टाइट और फ्रेश रखने का आसान तरीका मानते हैं। हालांकि आयुर्वेद के मुताबिक रोजाना
और जरूरत से ज्यादा ठंडे तापमान का इस्तेमाल त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
खासतौर पर जिन लोगों की स्किन पहले से ड्राई या सेंसिटिव है, उनमें यह आदत त्वचा की
प्राकृतिक नमी और संतुलन को प्रभावित कर सकती है।नई-नई स्किनकेयर ट्रेंड्स देखकर
कई लोग हर कुछ हफ्तों में अपना पूरा रूटीन बदल लेते हैं। लेकिन स्किन को किसी भी प्रोडक्ट
के साथ एडजस्ट होने और रिजल्ट दिखाने के लिए समय चाहिए होता है। आयुर्वेद का मानना है
कि त्वचा को स्थिरता पसंद होती है। बार-बार बदलाव करने से उसकी प्राकृतिक प्रक्रिया
प्रभावित हो सकती है और फायदा होने की बजाय नुकसान भी हो सकता है।
25 की उम्र के बाद क्यों गायब हो रहा Face का ग्लो
वजन कम करने के चक्कर में कई लोग अपनी डाइट से फैट लगभग खत्म कर देते हैं।
लेकिन हेल्दी फैट्स शरीर और त्वचा दोनों के लिए जरूरी होते हैं। आयुर्वेद में घी, तिल का
तेल, मेवे और बीजों को त्वचा को भीतर से पोषण देने वाला माना गया है। इनकी कमी से
स्किन रूखी और बेजान महसूस हो सकती है।गर्म पानी से नहाना आरामदायक जरूर
लगता है, लेकिन बार-बार बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल त्वचा की प्राकृतिक नमी को
नुकसान पहुंचा सकता है। आयुर्वेद चेहरे और शरीर के लिए गुनगुने पानी की सलाह देता
है, जिससे त्वचा का मॉइस्चर बैलेंस बना रहता है और स्किन ज्यादा सॉफ्ट महसूस होती
है।अक्सर लोग सिर्फ चेहरे की देखभाल पर ध्यान देते हैं और सिर की त्वचा यानी स्कैल्प
को भूल जाते हैं। आयुर्वेद में बालों और त्वचा की सेहत को एक-दूसरे से जुड़ा माना गया
है। अगर स्कैल्प लगातार ड्राई, खुजलीदार या कमजोर महसूस हो रहा है, तो यह शरीर
में पोषण की कमी या अधिक तनाव का संकेत हो सकता है।