एलजी और दिल्ली सरकार फिर आमने-सामने

एलजी और दिल्ली सरकार फिर आमने-सामने
Delhi Politics: एलजी और दिल्ली सरकार फिर आमने-सामने, डांडी पार्क रैन बसेरे से जुड़ा है ताजा मामला

एलजी और दिल्ली सरकार फिर आमने-सामने

नई दिल्ली। निगम बोध घाट के पास डांडी पार्क रैन बसेरे को इस कड़ाके की ठंड में

बंद कर दिए जाने पर दिल्ली सरकार और राजनिवास आमने सामने आ गए हैं।

शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस रैन बसेरे को बंद कर दिए जाने पर दिल्ली

शहरी आश्रय सुधार बोर्ड डूसिब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी काे कडा पत्र लिखा है।

उन्होंने पत्र में पूछा है कि मेरे किसी भी रैन बसेरे को बंद न करने के लिखित

निर्देश के बावजूद अधिकारियों द्वारा कई रैन बसेरों को कैसे बंद कर दिया गया है।

उन्होंने पत्र में कहा कि यदि डूसिब निर्वाचित सरकार और उसके मंत्रियों के

निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है तो किसके निर्देश पर इन रैन बसेरों को बंद किया गया है?

डीजेबी में घोर भ्रष्टाचार का मामला- राजनिवास

मंत्री ने उन रैन बसेरों को हटाने का भी पत्र में जिक्र किया गया है जो कुछ माह पहले

जी-20 की तैयारियों के दौरान हटाए गए थे। उस समय दिल्ली सरकार ने कहा था

कि ये रैन बसेरे एलजी के आदेश पर हटाए गए हैं।वैसे मंत्री की ओर से पत्र में

एलजी का नाम नहीं लिया गया है। मगर इस पर राजनिवास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

एलजी और दिल्ली सरकार फिर आमने-सामने

राज निवास ने कहा है कि मंत्री सौरभ भारद्वाज अपनी सरकार और विशेषकर

अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए स्पष्ट रूप से झूठे बयान दे रहे हैं।

राजनिवास ने कहा है कि चाहे वह डीजेबी में घोर भ्रष्टाचार का मामला हो,

जिसके वे उपाध्यक्ष थे, यमुना में गाद के कारण बाढ़ आना, सरकारी अस्पतालों में

नकली दवाओं और मोहल्ला क्लीनिकों में फर्जी परीक्षण से जुड़े घोटाले हों,

बस कुछ नाम लेने के लिए उन्होंने हमेशा खुलेआम गुमराह करने की कोशिश की है।

बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता की कमी को चिह्नित किया

राजनिवास ने कहा है कि डूसिब एक स्थानांतरित विषय के रूप में पूरी तरह

से दिल्ली सरकार के अधीन एक एजेंसी है, और झुग्गीवासियों और बेघरों को

आश्रय के मुद्दों पर काम करती है। राजनिवास ने कहा है कि एलजी ने पिछले

साल आश्रय स्थलों के अपने अंतिम दौरे के बाद उनमें बुनियादी सुविधाओं

और स्वच्छता की कमी को चिह्नित किया था और इसे ठीक करने के लिए कहा था।

वह लगातार शहर में बेघरों को उनके कार्यस्थल और आजीविका के स्रोत के

पास स्वच्छ और स्वच्छ आश्रयों में सम्मान का जीवन प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।

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