
डेविस कप: ऐतिहासिक मुकाबले में भारत का पलड़ा भारी
डेविस कप: पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक मुकाबले में भारत का पलड़ा भारी
यूरोपीय खिलाड़ियों के खिलाफ इस रणनीति का बखूबी इस्तेमाल किया
लिएंडर पेस ने भारत में डेविस कप खेलने आने वाले यूरोपीय खिलाड़ियों के खिलाफ इस रणनीति का बखूबी इस्तेमाल किया।
बालाजी के पास अनुभव भी है जिससे वह पाकिस्तान का उसकी सरजमीं पर सामना करने का दबाव झेल सकते हैं।
उन्होंने हाल ही में आस्ट्रेलियाई ओपन खेला और यहां आने से पहले दिल्ली में एक सप्ताह के शिविर में भाग लिया।
बालाजी ने कहा ,‘‘ मैं पिछले कुछ साल से युगल मुकाबले खेल रहा हूं लेकिन इसके यह मायने नहीं है कि एकल बिल्कुल नहीं खेल सकता
। मैं जब भी मौका मिलता है, एकल खेलता हूं। पाकिस्तान के खिलाफ खेलने को लेकर काफी रोमांचित हूं।
ग्रासकोर्ट पर ही न्यूपोर्ट एटीपी 250 फाइनल में पहुंचे
रामकुमार सर्व और वॉली के खिलाड़ी हैं और घसियाले कोर्ट उन्हें भी रास आते हैं।
वह ग्रासकोर्ट पर ही न्यूपोर्ट एटीपी 250 फाइनल में पहुंचे थे। वह 43 साल के ऐसाम के खिलाफ भारतीय चुनौती का आगाज करेंगे।
ऐसाम ने ड्रॉ के समय कहा,‘‘ आप सभी मुझे मेरी उम्र याद दिलाते हैं लेकिन मैं दिल से जवां हूं।
भारत के खिलाफ खेलने से मुझे प्रेरणा मिलती है। पिछले साल चोटों के कारण मेरी रैंकिंग गिरी लेकिन मैं इस मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करूंगा।’’
कप्तान जीशान अली का मानना है कि यह करीबी मुकाबला होगा
भारत के गैर खिलाड़ी कप्तान जीशान अली का मानना है कि यह करीबी मुकाबला होगा।
उन्होंने इस बहस में पड़ने से इनकार किया कि भारतीय क्रिकेट टीम या अन्य भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान क्यो नहीं आते हैं।
उन्होंने कहा ,‘‘ हम यहां टेनिस खेलने आये हैं। कुछ फैसले सरकार लेती है
और उसमें हमारी कोई भूमिका नहीं होती। हम तैयारी के साथ आये हैं और अच्छा खेलेंगे।
’’ युगल में साकेत माइनेनी और युकी भांबरी का सामना बरकतुल्लाह और मुजम्मिल मुर्तजा करेंगे।
पहले दिन स्कोर 1 . 1 रहने पर ऐसाम और अकील युगल में भी उतर सकते हैं।
ड्रॉ : तीन फरवरी :पहला एकल : रामकुमार रामनाथन बनाम ऐसाम उल हक कुरैशी दूसरा एकल :
अकील खान बनाम श्रीराम बालाजी चार फरवरी : युगल : बरकतुल्लाह और मुजम्मिल मुर्तजा बनाम युकी भांबरी
और साकेत माइनेनी पहला उलट एकल :
रामकुमार रामनाथन बनाम अकील खान दूसरा उलट एकल : ऐसाम उल हक कुरैशी बनाम श्रीराम बालाजी।