कानपुर लोकसभा सीट से प्रबल दावेदार थे
वह सपा के साथ गठबंधन के बाद खाते में आई कानपुर लोकसभा सीट से प्रबल दावेदार थे। प्रदेश स्तरीय चुनाव
संचालन समिति की बैठक में कानपुर से भेजे गए दावेदारों के पैनल में उनका नाम एक नंबर पर रखा गया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के सामने राजनीति में हमेशा अजय गुट रहा।अजय, उत्तर प्रदेश विधानसभा
के अध्यक्ष सतीश महाना के रिश्तेदार भी हैं। अजय कपूर को शहर की राजनीति में कांग्रेस का कद्दावर नेता
माना जाता है। वह किदवई नगर व उससे पहले गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं।
मंगलवार को उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से कांग्रेस का जिक्र भी हटा दिया है।
पूर्व विधायक अजय कपूर ने थामा बीजेपी का दामन
अजय कपूर कानपुर की राजनीति में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हैं। वह सपा के साथ गठबंधन के बाद खाते में
आई कानपुर लोकसभा सीट से प्रबल दावेदार थे। प्रदेश स्तरीय चुनाव संचालन समिति की बैठक में कानपुर
से भेजे गए दावेदारों के पैनल में उनका नाम एक नंबर पररखा गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल
के सामने राजनीति में हमेशा अजय गुट रहा।
भाजपा से टिकट मिलने की भी संभावना
पूर्व विधायक अजय कपूर को भाजपा से लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने की भी संभावना जताई जा रही है। उनके दो भाई उद्यमी
विजय कपूर व भारतीय चेस फेडरेशन के अध्यक्ष संजय कपूर पहले ही भाजपा का दामन लिया था।
