
मिडकैप और स्मॉलकैप को लेकर सेबी चीफ के बयान के बाद से ही ये लगातार लाल निशान पर कारोबार कर
रहे है। मिडकैप और स्मॉलकैप में लगातार गिरावट आ रही है। वहीं बाजार में आई इस गिरावट के कारण
निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। निवेशकों को सात लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है
। ये नुकसान निवेशकों को बाजार खुलने के तीन घंटों में ही उठाना पड़ गया है। बीएसई पर लिस्टेड स्टॉक्स
का मार्केट कैप भी नीचे गिर गया है। मार्केट कैप 374.79 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा है। ट्रेड बाजार में
निवेशकों को 110.78 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
सुबह ऐसा था बाजार
वैश्विक बाजारों के मजबूत रुख तथा विदेशी कोषों के सतत प्रवाह के बीच बुधवार को स्थानीय शेयर बाजार बढ़त के
साथ खुले। आईटीसी के शेयरों में भारी लिवाली से भी बाजार को समर्थन मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स
शुरुआती कारोबार में 384.79 अंक चढ़कर 74,052.75 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी
111.05 अंक के लाभ से 22,446.75 अंक पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर
छह प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। ब्रिटेन की बहुराष्ट्रीय कंपनी बीएटी पीएलसी ने मंगलवार को आईटीसी लि. में
3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी संस्थागत निवेशकों को थोक सौदे में बेचने की घोषणा की है।
Small Cap Stocks में गिरावट के कारण 11 लाख करोड़ का हुआ नुकसान
विप्रो, नेस्ले, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस
और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर भी लाभ में थे। वहीं पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक के शेयर
नुकसान में कारोबार कर रहे थे। अन्य एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग
लाभ में, जबकि जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार
को बढ़त के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई)
ने मंगलवार को 73.12 करोड़ रुपये शेयर खरीदे थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.50 प्रतिशत बढ़कर 82.33
अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था।