
ईरान में बिगड़ते हालात के मद्देनजर भारत ने तेहरान में रहने वाले
भारतीय छात्रों को सुरक्षा कारणों से शहर से बाहर स्थानांतरित कर
दिया गया है। हम आपको बता दें कि यह व्यवस्था भारतीय दूतावास
द्वारा की गई है। इसके अलावा भारत ने अन्य भारतीयों से अनुरोध
किया है कि यदि वह अपने वाहनों से तेहरान से बाहर निकलने में
सक्षम हैं तो उन्हें भी मौजूदा स्थिति को देखते हुए शहर छोड़ने की
सलाह दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक
बयान में कहा गया है कि कुछ भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया
की सीमा के रास्ते ईरान से बाहर निकलने के लिए भी सहायता
प्रदान की गई है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि
दूतावास लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में है, ताकि सभी
संभव सहायता प्रदान की जा सके। बयान में कहा गया है कि
स्थिति की अनिश्चितता को देखते हुए आगे भी सलाहें जारी की
जा सकती हैं।इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि
ईरान में सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे
तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान तथा
संपर्क नंबर प्रदान करें, क्योंकि ईरान और इजराइल के बीच
संघर्ष तेज हो गया है। भारतीय मिशन ने सभी भारतीय
नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) को भी
सलाह दी है कि जो अपने स्वयं के संसाधनों से तेहरान से
बाहर जा सकते हैं, वे शहर के बाहर सुरक्षित स्थान पर चले
जाएं।
Iran में बिगड़ते हालात के बीच भारतीय छात्रों को तेहरान से निकाला गया
यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब इजराइल और ईरान के
बीच संघर्ष तेज हो गया है तथा उन्होंने पांचवें दिन भी हमले
किए हैं। हम आपको बता दें कि मौजूदा परिस्थिति के बीच
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा में जी7 शिखर
सम्मेलन से एक दिन पहले ही वापस वाशिंगटन के लिए
रवाना हो गए हैं। ट्रंप ने ईरानियों को तत्कल तेहरान छोड़ने
की चेतावनी भी दी है।हम आपको बता दें कि अमेरिका के
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार शाम को अचानक कैलगरी
में चल रहे G-7 शिखर सम्मेलन को बीच में छोड़ दिया, ताकि
वे मध्य पूर्व में सुरक्षा से जुड़े मामलों पर ध्यान दे सकें। इसके
कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक
की योजना रद्द हो गई, जबकि पीएम मोदी उस बैठक के लिए
वहां पहुंच चुके थे, मगर उसी दौरान ट्रंप के प्रस्थान की घोषणा
की गई। ट्रंप शिखर सम्मेलन में 24 घंटे से भी कम समय के
लिए मौजूद रहे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने
कहा, “काफी कुछ हासिल हुआ, लेकिन मध्य पूर्व में जो कुछ हो
रहा है, उसके चलते राष्ट्रपति ट्रंप रवाना होंगे।”हम आपको बता
दें कि ट्रंप ने तब पूरी दुनिया को चौंका दिया जब उन्होंने एक पोस्ट
में लिखा: “ईरान को वह ‘समझौता’ साइन कर लेना चाहिए था
जो मैंने उन्हें बताया था। कितना अफसोस और मानव जीवन
की बर्बादी। सीधे शब्दों में कहें तो, ईरान फिर से वही कर रहा है!”
और पोस्ट के अंत में लिखा: “हर किसी को तुरंत तेहरान खाली
कर देना चाहिए।” ट्रंप ने यह भी दोहराया: “ईरान के पास परमाणु
हथियार नहीं होना चाहिए। मैंने यह पहले भी कहा था और अब
फिर कह रहा हूं।”