
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार का पर्दाफ़ाश करने वाले खोजी पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता
राघवेंद्र बाजपेयी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उनकी हत्या से व्यापक आक्रोश फैल गया
और भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे थे।
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार का पर्दाफ़ाश करने वाले खोजी पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता
राघवेंद्र बाजपेयी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उनकी हत्या से व्यापक आक्रोश फैल गया
और भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे थे।
हिंदी दैनिक जागरण के संवाददाता, बाजपेयी, सीतापुर-दिल्ली राष्ट्रीय
राजमार्ग पर महोली कस्बे के पास यात्रा कर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात
हमलावरों ने उन्हें रोक लिया, उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी और पास
से उनके पेट के ऊपरी हिस्से में कई गोलियां मार दीं।
Journalist Raghvendra Bajpai Murder | पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई के हत्यारे रिजवान और शकील सीतापुर एनकाउंट
अब ताजा अपडेट के अनुसार सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या
के मामले में वांछित एक-एक लाख रुपये के इनामी दो अभियुक्त
राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम से मुठभेड़ में मारे गये।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बृहस्पतिवार को एक बयान
में कहा कि छह और सात अगस्त की मध्यरात्रि को एसटीएफ की नोएडा इकाई
और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम की पिसावां थाना क्षेत्र में बदमाशों से मुठभेड़ हुई
जिसमें दो बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें तत्काल पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें सीतापुर
जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।