
Kashmir में ठंड के मौसम में बाजारों में बिक रही हैं सूखी सब्जियां
प्रभासाक्षी से बात करते हुए लोगों ने कहा कि पुराने समय में जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बर्फबारी
के कारण कश्मीर देश के बाकी हिस्सों से कट जाता था तो खाद्यान्न और सब्जियों की कमी हो जाती
थी। इसलिए लोगों ने सब्जियों को सुखा कर उन्हें सर्दियों में इस्तेमाल करना शुरू किया जोकि अब भी
जारी है। लोगों ने बताया कि कश्मीरी सूखी सब्जियों में सूखे टमाटर, लौकी, बैंगन, शलगम और कमल
ककड़ी शामिल हैं।जैसे ही सर्दियाँ शुरू होती हैं, बड़ी संख्या में लोग धूप में सुखाई गई सब्जियाँ खरीदने
के लिए स्थानीय बाजारों में उमड़ पड़ते हैं। श्रीनगर के पुराने शहर में एक सूखी सब्जी विक्रेता ने कहा,
”दिसंबर से मार्च तक सूखी सब्जियों की मांग बढ़ जाती है।” उन्होंने कहा, “ये सूखी सब्जियां
आपको सर्दी के दौरान गर्म रखने के लिए जानी जाती हैं। पहले लोग इन्हें ज्यादातर घर पर
उगाते थे, लेकिन अब श्रीनगर और अन्य शहरों में विक्रेता इन्हें बेचते हैं।” हम आपको बता दें
कि सूखी सब्जियों के साथ ही सूखी मछली भी बाजार में आ चुकी हैं। गोश्त के शौकीनों के लिए
हरीसा की दुकानें भी पूरे कश्मीर में सजने लगी हैं। उल्लेखनीय है कि हरीसा-गोश्त, चावल व
मसालों के मिश्रण से तैयार होने वाला विशेष व्यंजन है। हरिसा शरीर को अंदर से गर्म रखने के
साथ कैलोरी को भी बनाए रखता है।