NEET को लेकर BJP ने राहुल गांधी पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
भाजपा ने बुधवार को
राहुल गांधी पर कुछ स्थानों पर नीट-यूजी
पेपर लीक के बाद
भारत की परीक्षा प्रणाली में विश्वास की कमी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और
पूछा कि क्या वह इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद माफी मांगेंगे। अदालत ने
मंगलवार को परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग करने वाली
याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए
रिकॉर्ड पर कोई सबूत नहीं है कि इसकी पवित्रता के “प्रणालीगत उल्लंघन” के कारण
इसे “विकृत” किया गया था। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि लगभग
23.5 लाख बच्चों ने NEET 2024 की परीक्षा में हिस्सा लिया था। ये परीक्षा 571
शहरों में 4,750 केंद्रों पर हुई थी। खुद सरकार ने CBI इंक्वायरी दी थी। उन्होंने
कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कल कहा कि अब दोबारा परीक्षा कराने की कोई आवश्यकता
नहीं है। क्योंकि इसके कारण बहुत समस्या उत्पन्न होगी, बच्चों का सेशन गड़बड़ होगा।
जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी है, उनका भविष्य अंधकार में जाएगा। उन्होंने कहा कि
जो एससी, एसटी और OBC रिजर्वेशन के बच्चे हैं, उन्हें परेशानी होगी। इसलिए कोर्ट ने
कहा कि हम परीक्षा कैंसिल नहीं करेंगे और सरकार की बात मानते हुए कहा कि आप
काउंसिलिंग करिए।
NEET को लेकर BJP ने राहुल गांधी पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमारा सवाल है कि जब इतनी ईमानदारी से काम हुआ है,
तो राहुल गांधी क्यों इस परीक्षा को लेकर भ्रम फैला रहे थे। क्या ये भारत की परीक्षा व्यवस्था
को दुनिया में बदनाम करना चाहते हैं। क्या अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राहुल गांधी माफी
मांगेंगे। प्रसाद ने कहा कि उनके शब्दों का चयन संसद की गरिमा और राहुल गांधी के पद की
गरिमा का उल्लंघन करता है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा बजट को ‘कुर्सी बचाओ बजट’ करार दिए
जाने के आरोप को भी खारिज किया और कहा कि अगर चुनावों में लोगों ने उन्हें और उनकी पार्टी
को बार-बार खारिज किया है तो इसमें भाजपा की गलती नहीं है। नीट विवाद पर सरकार की कार्रवाई
का बचाव करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी और
155 परीक्षार्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई है। उन्होंने परीक्षा की व्यापकता पर प्रकाश
डालते हुए कहा कि यह गौर करने वाली बात है कि 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर 23.5 लाख से
अधिक छात्रों ने परीक्षा दी। उन्होंने कहा कि गांधी पूरी परीक्षा पर हमला करने के लिए ‘धोखाधड़ी’
जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे और अब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा की
पवित्रता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।