Odisha के जगन्नाथ मंदिर को लेकर हुआ बड़ा फैसला
इस बैठक में
मुख्यमंत्री ने पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चारों द्वारों को दोबारा खोलने और इस
मंदिर की आवश्यकता के लिए कोष निर्माण करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ओडिशा में नवनिर्वाचित
भाजपा सरमंत्रिमंडल ने 12वीं शताब्दी के मंदिर की तत्काल आवश्यकता के लिए एक कोष स्थापित करने
का भी निर्णय लिया।ओडिशा में कई वर्षों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी का साशन शुरू हो गया है। मोहन
चरण माझी के मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद पहली कैबिनेट बैठक ली गई जिसमें कई बड़े और अहम फैसले
लिए गए है। ये बैठक गुरुवार की सुबह हुई है।इस बैठक में मुख्यमंत्री ने पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी
चारों द्वारों को दोबारा खोलने और इस मंदिर की आवश्यकता के लिए कोष निर्माण करने के प्रस्ताव को मंजूरी
दे दी है। ओडिशा में नवनिर्वाचित भाजपा सरमंत्रिमंडल ने 12वीं शताब्दी के मंदिर की तत्काल आवश्यकता के
लिए एक कोष स्थापित करने का भी निर्णय लिया। सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में गुरुवार सुबह पुरी
में श्री जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वार फिर से खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।मुख्यमंत्री मोहन चरण
माझी ने राज्य सचिवालय लोक सेवा भवन में अपने मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा,
“राज्य सरकार ने सभी मंत्रियों की मौजूदगी में कल सुबह पुरी जगन्नाथ मंदिर के सभी चार द्वारों को फिर से
खोलने का फैसला किया है।
Odisha के जगन्नाथ मंदिर को लेकर हुआ बड़ा फैसला
भक्त सभी चार द्वारों से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।” पीटीआई के मुताबिक सीएम माझी ने कहा कि सभी मंदिरों
के द्वार खोलना भाजपा के चुनाव घोषणापत्र का एक वादा था और उन्होंने कहा कि द्वार बंद होने के कारण भक्तों
को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।पूर्व सीएम नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पिछली बीजद सरकार
ने कोविड-19 महामारी के बाद से मंदिर के चारों द्वार बंद रखे थे। भक्तगण केवल एक ही द्वार से प्रवेश कर सकते
थे तथा सभी द्वार खोलने की मांग की गई। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मंत्रिमंडल ने मंदिर के संरक्षण और संवर्धन
से संबंधित मुद्दों पर ध्यान देने के लिए 500 करोड़ रुपये का एक कोष गठित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने
कहा कि सभी मंत्री बुधवार रात को पुरी के लिए रवाना होंगे और तीर्थ नगरी में रुकेंगे ताकि गुरुवार सुबह जब सभी
चार द्वार खोले जाएंगे तो वे वहां मौजूद रह सकें।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार धान का न्यूनतम समर्थन
मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल करने के लिए भी कदम उठाएगी और संबंधित विभाग को इस
संबंध में कदम उठाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि धान के लिए एमएसपी बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति
क्विंटल करने के प्रस्ताव के कार्यान्वयन के लिए बहुत जल्द एक समिति गठित की जाएगी।