
Pak Army Chief Munir क्या Waqf Bill का विरोध कर रहे
इसके अलावा, सूत्रों का कहना है कि यह भी संदेह है कि मुनीर का बयान भारत में वक्फ (संशोधन) अधिनियम
के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मुसलमानों को भड़काने की कोशिश भी हो सकती है। एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी
ने कहा, “ऐसे बयान ध्यान भटकाने वाली रणनीति हैं, जिन्हें पहले भी आजमाया जा चुका है और वे कारगर
नहीं रहे हैं। उनकी आंतरिक सुरक्षा खस्ताहाल है इसीलिए उन्हें इस तरह की बयानबाजी की जरूरत है।
” विश्लेषकों ने मुनीर के इस भाषण को बढ़ती अशांति के बीच सेना का प्रभाव बढ़ाने के एक रणनीतिक
कदम के रूप में देखा है। हम आपको बता दें कि अपने भाषण में ‘दो-राष्ट्र सिद्धांत’ और कश्मीर का हवाला
देकर, मुनीर लोगों को एकजुट करने के लिए भावनात्मक मुद्दों का इस्तेमाल करते दिखे, जबकि उनकी
हिंदू विरोधी टिप्पणी पाकिस्तान के भीतर कट्टरपंथी भावनाओं को बढ़ावा देती है। साथ ही मुनीर के भाषण
से कूटनीतिक संबंधों में और तनाव पैदा होने का खतरा भी है। जहां तक मुनीर के भाषण की बात है तो
आपको बता दें कि उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान के ‘‘गले की नस’’ बताया और उन्होंने विदेशों में रह
रहे पाकिस्तानियों से देश की कहानी अपने बच्चों को बताने का भी आग्रह किया। मुनीर ने इस बात पर
जोर दिया कि उनके पूर्वज मानते थे कि हिंदू और मुसलमान जीवन के हर पहलू में भिन्न हैं।
जनरल मुनीर ने मंगलवार को इस्लामाबाद में पहले प्रवासी पाकिस्तानी सम्मेलन को संबोधित
करते हुए कहा, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है, यह (कश्मीर) हमारे गले की नस थी, यह हमारे गले
की नस रहेगी और हम इसे नहीं भूलेंगे। हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके संघर्ष में अकेला नहीं
छोड़ेंगे।