
Pope Francis जी-7 शिखर सम्मेलन को संबोधित करने वाले पहले पोप बने
फ्रांसिस ने कहा कि राजनीतिज्ञों को एआई को मानव-केंद्रित बनाने में अग्रणी भूमिका निभानी
चाहिए, ताकि मानवीय निर्णय हमेशा मनुष्यों द्वारा लिए जाएं, मशीनों द्वारा नहीं। उन्होंने कहा,
‘‘यदि हम लोगों से अपने और अपने जीवन के बारे में निर्णय लेने की क्षमता छीन लें तथा उन्हें
मशीनों के विकल्पों पर निर्भर रहने के लिए बाध्य कर दें, तो हम मानवता को आशाहीन भविष्य
की ओर ले जाएंगे।’’ कुछ देश और वैश्विक निकाय ओपनएआई के चैटजीपीटी द्वारा शुरू किए गए
‘जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ का इस्तेमाल बढ़ने पर एआई पर मजबूत सुरक्षा उपायों के
लिए जोर दे रहे हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने फ्रांसिस को आमंत्रित किया था।
फ्रांसिस ने एआई से जुड़ी चिंताओं को दोहराया और अन्य लोगों को इस संबंध में सचेत किया।
अपने भाषण के अलावा, फ्रांसिस ने पूरे दिन द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति
वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ-साथ अल्जीरिया, ब्राजील, भारत, केन्या, तुर्किये और इंडोनेशिया
के नेताओं के साथ बैठकें कीं। वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन
ट्रूडो और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित जी7 सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।