
राहुल ने नहीं किया रिप्लाई
ऐसे में अगर 12 सीट वाले नीतीश को डिप्टी पीएम बनाया जाता है तो 29 सीट लाने वाली ममता
दीदी को तो इस हिसाब से पीएम पद देना पड़ेगा। वहीं इंडिया गठबंधन और ममता बनर्जी का नरम
-गरम वाला रिश्ता लगातार बना रहा। पहले तो कांग्रेस को 2 सीटों के लायक नहीं बताने के बाद राज्य
में अकेले चुनाव लड़ने वाली टीएमसी का स्टैंड समय समय पर बदलता रहा। वहीं अब परिणाम के
बाद इंडिया गठबंधन की बुलाई गई बैठक से भी ममता ने दूरी बनाई है। इसके साथ ही ममता बनर्जी
का एक दर्द भी छलका है। उन्होंने खुद कहा कि मैंने कांग्रेस के अलावा सभी विरोधी दल के नेताओं से
बात की और राहुल गांधी को भी मैसेज किया लेकिन जवाब नहीं आया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने
भी हमसे संपर्क नहीं किया है।
Rahul को मैसेज किया पर नहीं आया कोई रिप्लाई
इंडिया गठबंधन अपने दावे कर रही है तो बीजेपी और मोदी-शाह क्या कोई गणित नहीं लगा रहे होंगे।
कहा तो ये भी जा रहा है कि बीजेपी भी अपने जुगाड़ में लगी है। जरूरत पड़ी तो अटल बिहारी वाजपेयी
सरकार की पुरानी सहयोगी ममता बनर्जी से भी बाहर से समर्थन लिया जा सकता है। 29 सीट लाने
वाली टीएमसी अगर बीजेपी को बाहर से समर्थन देकर सरकार बनवा दे और बदले में राज्य की
राजनीति में बिना हस्तक्षेप अगले टर्म को सुनिश्चित करवा सकती है। इसके साथ ही टीएमसी के
कई नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा है।