अन्नपूर्णा कार्यक्रम का शुरुआत की।

सहयोग फाउंडेशन की ओर से अन्नपूर्णा कार्यक्रम की शुरूआत

अन्नपूर्णा कार्यक्रम का शुरुआत की

निधि मीडिया न्यूज बलांगीर ओडिशा

बलांगीर :२७.११.२०२२.नर सेवा ही नारायण सेवा।

रोजाना भीम भोई सरकारी अस्पताल में सेकड़ो रोगी आते है।

साथ ही उनके साथ घरवाले, रिस्तेदार भी आते हैं।

रविवार को सरकारी आहार केंद्र बंद रहता है इसलिए बलांगीर के

अग्रिम सामाजिक संस्था सहयोग फाउंडेशन ने आज से अन्नपूर्णा कार्यक्रम का शुरुआत की।

अन्नपूर्णा कार्यक्रम का शुरुआत की

जिसमे हर रविवार को भात और दालमा दिया जायेगा। आज के कार्यक्रम के मुख्य

अतिथि सहायक अधीक्षक भीम भोई सरकारी अस्पताल के डॉ मुरलीधर पाणिग्रही थे।

श्री मनोज अग्रवाल के नेतृत्व मे आयोजित इस कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल,

आर्तत्रण पाढ़ी, रुक्मा अग्रवाल,नयनतारा अग्रवाल ,संतोष लाल, डॉ पंचानन प्रधान,

पीयूष अग्रवाल, राम नारायण दास,परेश अग्रवाल , अबनीश अग्रवाल, केदार

अग्रवाल, राम अवतार अग्रवाल, सुशांत पात्रा, महावीर मिश्रा, टूना मिश्रा, संतोष

पुष्टि ,तूफान बाग, सुदीप्त त्रिपाठी, दुर्गा प्रसाद आचार्य और अनिल मोदी उपस्तित थे।

सहयोग फाउंडेशन के सचिव पिंकी मोदी ने कहा है कि अन्नपूर्णा

कार्यक्रम में बलांगीर से जादा से ज्यादा लोग जुड़े और इसको सफल बनाए।

65 वर्ष अथवा इससे अधिक आयु के दरिद्र वरिष्ट नागरिक जो राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा इस योजना की शुरुआत 2000-2001 में की गई।

65 वर्ष अथवा इससे अधिक आयु के दरिद्र वरिष्ट नागरिक जो राष्ट्रीय वृद्धावस्था

पेंशन योजना (एन ओ ए पी एस) के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के लिए हकदार हैं,

लेकिन उन्हें यह पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है, उन्हें इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है

तथा उनको प्रति व्यक्ति प्रति माह 10 किलोग्राम अनाज की मुफ्त आपूर्ति इस योजना के अंतर्गत की जाती है।

अन्नपूर्णा कार्यक्रम का शुरुआत की

वर्ष 2002-2003 से इस राज्य योजना में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता

कार्यक्रम जिसमें राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा राष्ट्रीय परिवार लाभ

योजना शामिल है, के साथ राज्य योजना में अंतरित कर दिया गया है।

इस अंतरित योजना के लिए निधियां अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता (ए सी ए) के

रुप में वित्त मंत्रालय द्वारा राज्य योजना को जारी की जाती हैं तथा राज्यों के

पास लाभभोगियों को चुनने तथा इसके कार्यान्वयन को चुनने के लिए

अपेक्षित अनुमति है। राज्य सरकारों को अनाज बी पी एल दरों पर उपलब्ध कराया जाता है।

रीना गोयल बलांगीर ओडिशा

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