अभिभाषण में बेरोजगारी, महंगाई , गरीबी और सामाजिक न्याय का जिक्र नहीं

अभिभाषण में बेरोजगारी, महंगाई , गरीबी और सामाजिक न्याय का जिक्र नहीं
अभिभाषण में बेरोजगारी, महंगाई , गरीबी और सामाजिक न्याय का जिक्र नहीं

अभिभाषण में सामाजिक न्याय का जिक्र नहीं

नयी दिल्ली 02 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में प्रस्तुत देश की सुनहरी तस्वीर पर सवाल

उठाते हुए आज कहा कि इसमें बेरोजगारी,महंगाई,गरीबी जैसी समस्याओं के समाधान और सामाजिक न्याय की

क्षीण होती जा रही व्यवस्था के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में शुक्रवार को चर्चा में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री

नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में उनकी सरकार पर आरोप लगाया कि वह संविधान तथा नियमों की धज्जी उडाते

हुए देश में लोकतंत्र को खत्म करने में लगी है जबकि कांग्रेस के लंबे शासनकाल की बदाैलत सामाजिक ढांचे

तथा लोकतंत्र को मजबूती मिली। भारतीय राजनीतिक दल कांग्रेस के सदस्य और राज्यसभा के नेता

मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर राज्यसभा में चर्चा करते हुए कहा कि उसमें बेरोजगारी,

महंगाई, गरीबी, और सामाजिक न्याय की चुनौतियों का समाधान के लिए कोई उच्चारण नहीं किया गया है।

अभिभाषण में बेरोजगारी महंगाई  गरीबी और सामाजिक न्याय का जिक्र नहीं

खड़गे ने बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश की सुनहरी तस्वीर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा,

“इसमें बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी जैसी समस्याओं के समाधान और सामाजिक न्याय की क्षीण होती

जा रही व्यवस्था के बारे में कुछ नहीं कहा गया है।”

उन्होंने कहा कि राज्यसभा में प्रस्तुत किए गए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए,

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनकी सरकार पर आरोप लगाया कि वह संविधान और नियमों की

धज्जी उड़ाते हुए देश में लोकतंत्र को खत्म करने में लगी है, जबकि कांग्रेस के लंबे शासनकाल की बदौलत

सामाजिक ढांचे तथा लोकतंत्र को मजबूती मिली।” उन्होंने कहा, “जब समाज विकसित होगा तो ही

देश भी विकसित होगा।”

खड़गे ने सरकार की नीतियों पर आलोचना करते हुए कहा, “वैसे तो प्रधानमंत्री बहुत अच्छे भाषण देते हैं

और युवा इससे आकर्षित भी होते हैं लेकिन उनका पेट भूखा है।”

बेरोजगारी की दर 13.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है

खड़गे ने बताया कि बेरोजगारी की दर 13.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है और युवाओं को

नौकरी नहीं मिल रही है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बंद किये जाने के बजाय

उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की।उन्होंने कहा, “सरकार ने पिछले दस वर्षों में 142

योजनाएं शुरू की हैं जिनमें से 20 के नाम में प्रधानमंत्री जुड़ा हुआ है।

” उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि “नारा दिया जा रहा है

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