
अमेरिका ने ईरान के तेल का परिवहन करने और ईरान के ‘‘छाया बेड़े’’ के तौर पर काम करने के आरोप
में संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले एक भारतीय नागरिक और भारत की दो कंपनियों पर प्रतिबंध
लगाया है।अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी करके यह जानकारी दी।
बयान में कहा गया कि जुगविंदर सिंह बरार कई पोतपरिवहन कंपनियों के मालिक हैं और उनके पास
लगभग 30 जहाजों का बेड़ा है, जिनमें से कई ईरान के ‘‘छाया बेड़े’’ के हिस्से के रूप में काम करते हैं।
बरार का यूएई में व्यवसाय है इसके अलावा वह भारत स्थित पोत परिवहन कंपनी ‘ग्लोबल टैंकर्स
प्राइवेट लिमिटेड’ और पेट्रोकेमिकल बिक्री कंपनी ‘बी एंड पी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक
हैं या उनका नियंत्रण भी उनके पास है।
अमेरिका ने ईरानी तेल का परिवहन करने के लिए
वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने बरार और भारत-आधारित दो
कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया है। ओएफएसी ने कहा कि बरार के जहाज इराक, ईरान, संयुक्त
अरब अमीरात और ओमान की खाड़ी के जलक्षेत्र में ईरानी पेट्रोलियम के जहाज-से-जहाज (एसटीएस)
स्थानांतरण में लिप्त हैं।इसके बाद ये माल अन्य मददगारों के पास पहुंचता है, जो अन्य देशों के
उत्पादों के साथ तेल या ईंधन को मिला देते हैं और ईरान के साथ संबंधों को छिपाने के लिए पोत
परिवहन संबंधी दस्तावेजों में हेराफेरी करते हैं जिससे ये माल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच जाता है।
वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा, ‘‘ईरानी शासन अपने तेल की बिक्री के लिए और अपनी अस्थिरता
पैदा करने वाली गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए बरार और उसकी कंपनियों जैसे
परिवहनकर्ताओं और दलालों के नेटवर्क पर निर्भर करता है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के
तेल निर्यात के सभी माध्यमों को बाधित करने पर दृढ़ है, विशेष रूप से उन लोगों को जो इस
व्यापार से लाभ कमाना चाहते हैं।