
अमेरिका में रूस-भारत ने कर ली सीक्रेट मीटिंग
इस मुलाकात में सर्गोई लावरोव और भारत के विदेश मंत्री जयशंकर आमने सामने थे।
ब्रिक्स के विस्तार को लेकर जब हर तरफ चर्चा हो रही है। फिर दोनों नेताओं के बीच कई
मुद्दों को लेकर बातचीत शुरू हो गई। बातचीत के दौरान यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली
का जिक्र हुआ। साथ ही ब्रिक्स को लेकर होने वाली बैठक का भी जिक्र हुआ। एशिया
पेसेफिक रिजन को जोड़ने के लिए पश्चिमी देश किस तरह नाटो का इस्तेमाल कर रहे हैं,
इस पर बार बार रूस जोर देता आया है। रूस की तरफ से इसे लेकर जानकारी भी दी गई
और बताया गया कि दोनों देशों के बीच आपसी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक
महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों ने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी चर्चा की। इससे पहले
25 सितंबर को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद
(यूएनएससी) को बताया कि उन्होंने रूस के साथ कीव के लंबे युद्ध को समाप्त करने के
लिए दूसरे अंतर्राष्ट्रीय शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत को पहले ही
आमंत्रित किया है। ज़ेलेंस्की ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एकता हमेशा शांति के लिए
काम करती है और युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए सभी देशों से सामूहिक
तैयारी का आह्वान किया। जेलेंस्की ने कहा कि मैं आप सभी प्रमुख देशों को इस प्रक्रिया
में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूंष सभी जो वास्तव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर का
सम्मान करते हैं।