
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की देखरेख कर रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को
ईमेल के ज़रिए बम की धमकी मिली, जिसके बाद सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।
अधिकारियों ने एक एफआईआर दर्ज की है और गुमनाम धमकी के मामले की जांच शुरू
कर दी है, जिससे मंदिर परिसर और उसके कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़
गई हैं। इसको लेकर मंदिर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ‘इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड’ राम मंदिर के लिए सुरक्षा
दीवार का निर्माण करेगी। दीवार की ऊंचाई, मोटाई, डिजाइन आदि के संबंध में निर्णय
ले लिया गया है और मिट्टी की जांच के बाद निर्माण शुरू होगा।
अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी
जानकारी के अनुसार अयोध्या के साथ-साथ बाराबंकी चंदौली समेत कई अन्य जिलों के
जिलाधिकारियों को भी धमकी भरा मेल आया है। इन सभी ई-मेल्स की साइबर सेल
जांच कर रही है। इससे पहले अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में सुबह कलश
पूजन किया गया और मंदिर के मुख्य शीर्ष पर कलश स्थापित किया गया। निर्माण
समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने संकेत दिया कि राम मंदिर का निर्माण छह महीने में
और करीब चार किलोमीटर की सुरक्षा दीवार बनाने का काम 18 महीने में पूरा होने की
उम्मीद है। उन्होंने बताया कि ‘इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड’ राम मंदिर के लिए सुरक्षा
दीवार का निर्माण करेगी। दीवार की ऊंचाई, मोटाई, डिजाइन आदि के संबंध में निर्णय
ले लिया गया है और मिट्टी की जांच के बाद निर्माण शुरू होगा। मिश्रा ने बताया कि यात्री
सुविधा केंद्र का निर्माण राम मंदिर परिसर के भीतर 10 एकड़ में किया जाएगा और वहां
भंडारण के लिए 62 ‘काउंटर’ होंगे। उन्होंने बताया कि सप्त मंडल मंदिरों की सभी
प्रतिमाएं रविवार को अयोध्या पहुंच गईं। इनमें से प्रत्येक को उनके स्थानों पर पहुंचा
दिया गया है। ये प्रतिमाएं जयपुर से लाई गई हैं।