
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह कार्रवाई दो मामलों के उजागर होने के कुछ सप्ताह बाद
की गई, जिनमें फर्जी पहचान बनाने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था और
बांग्लादेश से मानव तस्करी के तहत महिलाओं को भारत लाया गया था तथा यहां वेश्यावृत्ति के
लिए मजबूर किया गया था।सहायक पुलिस आयुक्त भरत पटेल ने बताया कि इन दो मामलों में
आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद हमने कई स्थानों पर छापे मारे
और करीब 250 बांग्लादेशी नागरिकों से पूछताछ की। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पाया गया
कि 48 लोग पिछले कुछ वर्षों से बिना किसी वैध दस्तावेज के शहर में अवैध रूप से रह रहे हैं।
’’उन्होंने बताया कि आठ महिलाओं और छह नाबालिगों सहित अवैध प्रवासियों को चंदोला झील,
दानी लिमडा, शाह-ए-आलम और कुबेरनगर जैसे क्षेत्रों से पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के
बारे में सूचना मिलने के बाद कई बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में लिए जाने के डर से बस्ती छोड़कर
भाग गए। पटेल ने कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और संबंधित केंद्रीय
एजेंसियों की मदद से इन अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा।