
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार पर ताजा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि उनका प्रशासन राज्य में बिगड़ती
कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल रहा है। तेजस्वी यादव ने आज आरोप लगाया कि
बिहार में अपराधी बेलगाम हो गए हैं। अपहरण और डकैती जैसी घटनाएं ताबड़तोड़ हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपराधियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। वे अपना
विवेक खो चुके हैं। राजद नेता ने कहा कि मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि लालू जी ने पहले
पीएम बनाया और मैंने उन्हें दो बार सीएम बनाया। नीतीश कुमार और लालू यादव में कोई
तुलना नहीं है। तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए।
नीतीश कुमार से पहले भी मेरे पिता (लालू यादव) सांसद बने थे। उन्होंने कहा कि हमारे
समर्थन पत्र के बिना वह सीएम नहीं बन सकते थे। उन्हें आश्रम चले जाना चाहिए क्योंकि
वह सरकार चलाने में सक्षम नहीं हैं। वह 14 करोड़ लोगों के भविष्य के साथ क्या कर
रहे हैं? नीतीश कुमार की हालत स्थिर नहीं है।
उन्हें आश्रम चले जाना चाहिए वह सरकार चलाने में सक्षम नहीं
इससे पहले तेजस्वी यादव रविवार को उस समय नाराज हो गए जब उनसे बिहार के मुख्यमंत्री
और जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ फिर से गठबंधन की संभावना के बारे में पूछा गया।
नीतीश कुमार राजद के साथ गठबंधन तोड़ पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक
गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे। पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव यहां कथित तौर पर ‘‘राजग
द्वारा आरक्षण की चोरी और उसे हजम कर जाने’’ के खिलाफ राजद द्वारा आयोजित धरने के
बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या विधानसभा
चुनाव से पहले उनके जद (यू) प्रमुख के साथ हाथ मिलाने की संभावना है, तो यादव ने कहा,
‘‘हम हाथ क्यों मिलाएंगे? आप मौजूदा मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?’’
उनसे कहा गया कि मीडिया के एक वर्ग में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि हाल ही में 74
साल के हुए नीतीश कुमार को इस बात की चिंता है कि चुनाव के बाद भाजपा नेतृत्व परिवर्तन
के लिए दबाव डाल सकती है और राजद इस स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ
गठबंधन का ‘‘प्रस्ताव’’ देने को तैयार है।