ऐसे तय किया गूगल के सीईओ तक का सफर
आज दुनिया के सामने हर क्षेत्र में भारत 21वीं सदी में मिसाल पेश
कर रहा है। इनमें से एक गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई हैं। जो आज
के समय में युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं। आज यानी की
10 जून को सुंदर पिचाई अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। आईटी
सेक्टर में काम करने वाले हर युवा के लिए सुंदर पिचाई एक आइडियल
हैं। आज के समय में हर युवा उनके जैसा मुकाम पाना चाहता है। तो
आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सुंदर पिचाई के जीवन
से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…तमिलनाडु के मुदैर में 10 जून
1972 को सुंदर पिचाई का जन्म हुआ था। हालांकि वह चेन्नई में
पले-बढ़े थे। इनकी मां का नाम लक्ष्मी था, जोकि एक स्टेनोग्राफर
और पिता रघुनाथ पिचाई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। उन्होंने 10वीं
तक पढ़ाई सीबीएसई से मान्यता प्राप्त जवाहर विद्यालय से और
12वीं वना वाणी स्कूल से की। इसके बाद सुंदर पिचाई ने आईआईटी
खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री प्राप्त की।
इस दौरान उनको बैच में सिल्वर मेडल मिला था। आईआईटी के
बाद उन्होंने स्कॉलरशिप की सहायता से अमेरिका की स्टैनफोर्ड
यूनिवर्सिटी से मैटीरियल साइंस में एसएस किया। फिर उन्होंने
पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री ली।
ऐसे तय किया गूगल के सीईओ तक का सफर
अमेरिका में जाने से पहले सुंदर पिचाई के पास अपना कंप्यूटर भी
नहीं था। इसके लिए उनके परिवार को टेलीफोन कनेक्शन के लिए
5 साल इंतजार करना पड़ा था। सुंदर पिचाई ने बताया कि जब उनके
घर फोन लगा, तो मानो वह सामुदायिक कनेक्शन हो गया हो। ऐसी
ही बातों से उनको तकनीक की ताकत समझ आई थी। अमेरिका में
वह पीएचडी करना चाहते हैं, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि
उनको नौकरी करनी पड़ी।सुंदर ने पहली नौकरी एक कंपनी में
बतौर प्रोडक्ट मैनेजर की थी। फिर उन्होंने दूसरी कंपनी में बतौर
कंसल्टेंट काम किया था। वहीं अप्रैल 2004 में सुंदर ने गूगल
ज्वाइन किया था। उन्होंने पहला प्रोजेक्ट प्रोडक्ट मैनेजमेंट
और इनोवेशन शाखा में दिया गया था। यहां पर सुंदर पिचाई
ने गूगल के सर्च टूल को बेहतर बनाने और दूसरे ब्राउजर के
यूजर्स को गूगल पर लाने का काम दिया गया था। इस समय
उन्होंने कंपनी को सुझाव दिया कि गूगल को अपना ब्राउजर
लॉन्च करना चाहिए।बता दें कि गूगल का एंड्रॉयड ऑपरेटिंग
सिस्टम बनाने और साल 2008 में लॉन्च हुए गूगल क्रोम में
भी सुंदर पिचाई की भूमिका काफी अहम रही। अपने काम और
आइडिया से वह गूगल के संस्थापक लैरी पेज की नजरों में आए।