
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से रौंदा
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान कप्तान पैट कमिंस ने शॉर्ट बॉल का प्रभावी ढंग से उपयोग करते हुए 57 रन देकर
पांच विकेट लिए। स्कॉट बोलैंड (51 रन पर तीन विकेट) ने पारी की शुरुआती में विकेट झटके जबकि
मिशेल स्टार्क (60 रन पर दो विकेट) ने महत्वपूर्ण विकेट चटकाये। ऑस्ट्रेलिया के तीन प्रमुख तेज
गेंदबाजों का दबदबा ऐसा था कि कमिंस को दूसरी पारी में मिशेल मार्श और नाथन लियोन की भी
जरूरत नहीं पड़ी। टीम के विशेषज्ञ स्पिनर और हरफनमौला ने पूरे मैच में केवल पांच ओवर फेंके।
पर्थ में 295 रन की आसान जीत के बाद भारतीय बल्लेबाजी इकाई इस मैच की दोनों पारियों को
मिलाकर कुल 81 ओवर भी नहीं खेल पायी। टेस्ट मैच में एक दिन में आधिकारिक तौर पर 90
ओवर गेंदबाजी करने का प्रावधान है। ऐसे में भारत अपनी दोनों पारी को मिलाकर एक दिन भी
नहीं टिक पाया।भारत को इस मैच की दोनों पारियों में सबसे ज्यादा निराशा अनुभवी विराट
कोहली और कप्तान रोहित शर्मा की बल्लेबाजी से हुई। यह दोनों बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों
का सामना करने में विफल रहे। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने पूरा प्रयास किया लेकिन उन्हें दूसरे
छोर से अच्छा साथ नहीं मिला। दिन के पहले ओवर में भी गुलाबी गेंद के बेताज बादशाह माने
जाने वाले स्टार्क ने ऑफ स्टंप की बाहर वाली गेंद पर पंत को चकमा दिया और गेंद उनके बल्ले
का बाहरी किनारा लेकर दूसरे स्लिप में खड़े स्टीव स्मिथ के हाथों में चली गयी। स्टार्क के नाम
दिन-रात्रि टेस्ट में सबसे ज्यादा 74 विकेट हैं।रेड्डी ने एक बार फिर तकनीक और आक्रमण का
अच्छा मिश्रण दिखाया। पंत के आउट होने के बाद उन्होंने कुछ बड़े शॉट खेलकर टीम को पारी
की हार से बचा लिया।