
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने मंदिर के अंदर जासूसी कैमरे ले जाने की लगातार
घटनाओं पर एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई और सुझाव दिया
कि राज्य सरकार इसे रोकने के लिए एक कानून बनाए।
ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने मंगलवार को कहा
कि राज्य सरकार श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम, 1955 में संशोधन करने
पर विचार कर रही है, ताकि पुरी स्थित 12वीं सदी के इस मंदिर में जासूसी कैमरे लाने
और तस्वीरें या वीडियो बनाने को एक संज्ञेय अपराध बना दिया जाए।
यह बात उन्होंने मंदिर में लोगों के बार-बार अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने
और अलग-अलग तरीकों से जासूसी कैमरे ले जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
ओडिशा सरकार जगन्नाथ मंदिर में जासूसी कैमरे ले जाने को संज्ञेय अपराध बनाने पर विचार कर रही: मंत्री
मंत्री ने कहा, ‘‘इसे रोकने के लिए एक उचित कानून होना चाहिए।
मंदिर के अंदर जासूसी कैमरे लाने वाले लोगों की पहचान करना बहुत मुश्किल है।
पुलिस को केवल तब ही कैमरे के बारे में पता चल सकता है
जब तस्वीरें लेते समय फ्लैश लाइट चमकती है।
इसलिए, एक कानून बनाना अत्यंत आवश्यक है।
इस बीच, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने मंदिर के अंदर जासूसी कैमरे ले जाने
की लगातार घटनाओं पर एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई और सुझाव दिया
कि राज्य सरकार इसे रोकने के लिए एक कानून बनाए।