
कलमाडी की तिहाड़ जाने वाली बात सुन जब हंस पड़ी सोनिया
कांग्रेस नेता ने विमोचन कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, जम्मू-कश्मीर के
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, कई सांसद, पूर्व सांसद और वर्तमान तथा पूर्व राजनयिक
शामिल हुए। अय्यर ने स्वीकार किया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ही थे जो उन्हें
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) से राजनीति में लाए, लेकिन यह सोनिया गांधी ही
थीं जिन्होंने उन्हें राजनीति की सीढ़ी पर चढ़ने में सक्षम बनाया। वरिष्ठ पत्रकार वीर
सांघवी के साथ बातचीत में अय्यर ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के
पहले कार्यकाल के दौरान विभिन्न समय पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, पंचायती
राज, युवा मामले और खेल तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय संभालने वाले मंत्री के
रूप में अपने कार्यकाल को याद किया।जनवरी 2006 से अप्रैल 2008 तक खेल मंत्री
के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में बात करते हुए अय्यर ने स्वीकार किया कि वह इस
बात से बहुत खुश नहीं थे कि उनसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ले लिया गया
और उन्हें युवा मामले और खेल मंत्रालय सौंप दिया गया। खेल मंत्री का पदभार संभालने
पर अय्यर ने कहा कि उन्हें पता चला कि वह राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन नहीं करने जा
रहे हैं। उन्होंने कहा, सभी खेल महासंघ भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अधीन हैं।
सभी महासंघों का नेतृत्व राजनेताओं द्वारा किया जाता है, जो सिर्फ अपना पेट पालते हैं
– महासंघ बहुत अमीर हैं और मौज-मस्ती करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभाओं की
तलाश करने और उन्हें निखारने के लिए उनकी ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, “शास्त्री भवन स्थित मेरे कार्यालय (खेल मंत्री के रूप में) पहुंचने के कुछ
ही मिनटों के भीतर, सुरेश कलमाडी के दो प्रधान सहायक मुझसे मिलने आए और
उन्होंने ऐसी का इस्तेमाल किया जो दून स्कूल के शौचालयों के लिए उपयुक्त थी।
उन्होंने सुरेश कलमाडी को बुरा-भला कहा।