
एनडीए सरकार की नई कैबिनेट में इस बार उत्तर प्रदेश से करीब 9 सांसदों को मंत्री बनाया गया
है। जिसमें गोंडा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जीत की हैट्रिक लगाने
वाले कीर्तिवर्धन सिंह का नाम भी शामिल है। कीर्तिवर्धन को विदेश मंत्रालय के साथ-साथ
पर्यावरण, जंगल और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का राज्य मंत्री बनाया गया है। उन्हें बाकायदा
पीएम मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था। कीर्तिवर्धन सिंह को
प्रधानमंत्री मोदी का बेहद करीबी माना जाता है। 2014 में बीजेपी में शामिल होने के बाद वे
लगातार तीसरी बार गोंडा से जीतकर संसद में पहुंचे हैं।
कीर्तिवर्धन सिंह का जन्म 1 मार्च 1966 को मनकापुर
कीर्तिवर्धन सिंह का जन्म 1 मार्च 1966 को मनकापुर के राजा आनंद सिंह और रानी वीणा सिंह
के घर लखनऊ में हुआ था। उनकी शैक्षणिक योग्यता में एम.एससी. शामिल हैं (भूविज्ञान) और
उन्होंने अपनी शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की। उनकी शादी 16 नवंबर 2002 को
कुंवारानी मधुश्री सिंह से हुई। 1999 में 13वें लोकसभा चुनाव में फिर सपा के टिकट पर कीर्ति
वर्धन सिंह फिर चुनावी मैदान में उतरे, लेकिन इस बार प्रतिद्वंद्वी बृजभूषण सिंह से शिकस्त
झेलनी पड़ी। हालांकि 2004 में दमदार वापसी करते हुए बीजेपी के श्याम शुक्ला को
चुनाव में हरा दिया।
केंद्र सरकार में राज्यमंत्री बने Kirtivardhan Singh
हालांकि, 2009 के चुनाव में कांग्रेस के बेनी प्रसाद ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद कीर्ति वर्धन
सिंह ने 2014 में बीजेपी का दामन थाम लिया और 2014 का चुनाव बीजेपी के टिकट पर
लड़ते हुए सपा प्रत्याशी नंदिता शुक्ला को डेढ़ लाख से भी अधिक वोटों से हराया। फिर 2019
के लोकसभा चुनाव में जीत का फिर से परचम लहराया और सपा के विनोद कुमार उर्फ पंडित
सिंह को करारी शिकस्त दी। कीर्ति वर्धन सिंह ने 201 4 में समाजवादी पार्टी से बगावती रुख
अख्तियार करते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया था। इससे पहले कीर्ति वर्धन सिंह सपा के
टिकट पर चुनाव लड़े और जीत हासिल कर संसद तक पहुंचे। कीर्ति वर्धन सिंह ने लखनऊ
यूनिवर्सिटी से एमएससी की है। कीर्ति वर्धन सिंह ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर 1998
में चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की है। इस सीट पर उनके सामने बीजेपी के बृजभूषण
शरण सिंह थे, लेकिन उन्हें चुनाव में बुरी तरह से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।