
बेंगलुरु, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनावी वित्त की अखंडता
और देश में सत्तारूढ़ पार्टी के आचरण पर गंभीर चिंता जताते हुए शुक्रवार को
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से चुनावी बॉन्ड के दुरुपयोग की
उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
श्री खड़गे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा को
अन्य दलों, विशेषकर कांग्रेस पार्टी की तुलना में चुनावी बॉन्ड के माध्यम से
बहुत अधिक मात्रा में दान मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा
और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्तियों और निगमों पर उनकी पार्टी को
दान देने के लिए डाले गए दबाव के कारण हो सकता है। यह दबाव संभवतः
एहसान के बदले या उनके खिलाफ कानूनी मामलों को बंद करने के एवज
में डाला गया होगा।
भाजपा को 50 फीसदी से अधिक दान मिला।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस संबंध में सरकारी एजेंसियों पर गैरबराबरी का व्यवहार
करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जहां भाजपा के खाते खुले
और अप्रभावित हैं, वहीं विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस के खातों को जांच
और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है, जिनमें खातों को फ्रीज किया जाना
शामिल है। उन्होंने कहा, इसे चुनाव के लिए अनुचित अवसर पैदा करने के
तौर पर देखा जा रहा है।
श्री खड़गे ने कहा, “एसबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि भाजपा को
50 प्रतिशत चंदा मिला। कांग्रेस को केवल 11 प्रतिशत मिला। हमारा वोटिंग
पैटर्न अगर आप देखें, तो हम लगभग एक तिहाई हैं और बाकी पार्टियां दो-तिहाई
हैं, जिसमें भाजपा भी शामिल है। लेकिन भाजपा को 50 फीसदी से अधिक दान मिला।”
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा को इतना पैसा कैसे मिल सकता है? अन्य पूंजीपति
या अन्य कंपनियां इस तरह का दान कैसे दे सकती हैं?
उन्होंने कहा, “कई संदिग्ध दानकर्ता हैं। और ये कौन हैं? दान देने वाले लगभग सभी
लोग या तो ईडी या आईटी मामलों में संलिप्त हैं। मोदी जी और उनकी पार्टी ने इन
लोगों पर अपनी पार्टी को और अधिक दान देने के लिए दबाव डाला। अन्यथा, इतना अंतर नहीं हो सकता।”
खड़गे ने भाजपा पर लगाया चुनावी बॉन्ड के दुरुपयोग का आरोप
श्री खड़गे ने चुनावी बॉन्ड के दुरुपयोग की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और उसमें सच्चाई
सामने आने तक भाजपा के खाते फ्रीज करने की भी मांग की। उन्होंने कहा, “मैं उच्चतम स्तर
पर जांच की मांग करता हूं और जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उनका (भाजपा का)
खाता भी फ्रीज कर दिया जाना चाहिए। इस बात की विशेष जांच की जानी चाहिए कि क्या दान
एहसान के बदले में आया है या उत्पीड़न के कारण आया है, या उनके ईडी और आईटी मामलों
को बंद करने के एवज में उनसे मांगा गया है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के कार्यों के लिए जवाबदेह हैं क्योंकि वह हर
चीज का श्रेय लेते हैं और अन्य पार्टियों या व्यक्तियों के योगदान को स्वीकार नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वही मुख्य व्यक्ति हैं और
प्रधानमंत्री खुद हमेशा दावा करते हैं कि ‘यह मोदी की सरकार है, मोदी की पार्टी है, मोदी की
गारंटी है। इसलिए, सब कुछ केवल उनके नाम पर है और वह कभी भी भाजपा का नाम नहीं लेते हैं।”
श्री खड़गे ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कृत्य लोकतांत्रिक सिद्धांतों और देश के
संघीय ढांचे को कमजोर करते हैं।