जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गणतंत्र दिवस परेड 2025 और अन्य समारोहों में शामिल होने वाले अधिकतम यात्रियों की
सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर संशोधित कार्यक्रम का पालन किया जाएगा।
गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर तैयारिया जोरो पर है। राजधानी में अर्द्धसैनिक बलों की 70
से अधिक कंपनियों और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। वहीं,
दिल्ली मेट्रो भी रविवार को तड़के तीन बजे अपनी सेवाएं शुरू करेगी ताकि लोगों को कर्तव्य
पथ तक पहुंचने में सुविधा हो। कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए यह
निर्णय लिया गया है। गणतंत्र दिवस परेड 2025 और अन्य समारोहों में शामिल होने वाले
अधिकतम यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर संशोधित कार्यक्रम
का पालन किया जाएगा। एक आधिकारिक अधिसूचना में, मेट्रो अधिकारियों ने यात्रियों
को सूचित किया कि ट्रेनें सुबह 6 बजे तक 30 मिनट के अंतराल पर चलती रहेंगी। यात्रियों
को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है। डीआरएमसी प्रेस विज्ञप्ति
में कहा गया है कि उसके बाद ट्रेनें अपनी सामान्य दिनचर्या में वापस आ जाएंगी।
आधिकारिक बयान के मुताबिक देश भर में गणतंत्र दिवस के उत्सव के बीच दिल्ली
मेट्रो रविवार को सुबह तीन बजे सभी लाइनों पर अपनी सेवाएं शुरू कर देगी, ताकि लोग
कर्त्तव्य पथ तक पहुंच सकें और वहां आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड और
समारोह देख सकें। बयान के मुताबिक यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए
सुबह छह बजे तक 30 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें चलेंगी, जिसके बाद शेष दिन के लिए
नियमित समय सारिणी का पालन किया जाएगा।
जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गणतंत्र दिवस समारोह के लिए राजधानी में अर्द्धसैनिक बलों की 70 से अधिक कंपनियों
और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार
को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्रोन से भी नजर रखी
जाएगी और सीसीटीवी निगरानी तथा साइबर विशेषज्ञ अधिकारियों को संचालन की देखरेख
के लिए तैनात किया जाएगा। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने पहले ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
स्थापित कर ली है। हमारे पास जांच और जामा तलाशी की छह स्तरीय व्यवस्था है। इसके
अलावा, बहुस्तरीय बैरिकेडिंग होगी। हमने नयी दिल्ली जिले में कई हजार सीसीटीवी कैमरे
लगाए हैं, जिनमें चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) वाले कैमरे भी शामिल हैं।’’ उन्होंने
कहा कि एफआरएस सिस्टम वाली गाड़ियां भी तैनात की जाएंगी। अधिकारी ने कहा कि
कैमरे डेटाबेस से जुड़े हैं, ताकि अपराधियों की तुरंत पहचान की जा सके।अधिकारी ने बताया
कि पुलिस की टीम कई सुरक्षा एजेंसियों के साथ अभ्यास कर रही हैं।