जेल से रिहा होते ही फिर दूसरे मामले में गिरफ्तार इमरान खान
आरोपों में आतंकवाद विरोधी अधिनियम का उल्लंघन, सार्वजनिक समारोहों पर सरकारी प्रतिबंध
की अवहेलना, पुलिस ड्यूटी में बाधा डालना, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाना और सार्वजनिक
सुरक्षा को खतरे में डालना शामिल है। मामले में औपचारिक गिरफ्तारी से पहले ही, संघीय सूचना
मंत्री अट्टा तरार ने यह कहकर उनकी रिहाई के विचार को खारिज कर दिया कि खान 9 मई, 2023
की हिंसा से संबंधित आठ मामलों में वांछित थे और उन्हें जेल से मुक्त होने से पहले जमानत लेनी
चाहिए।जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री
इमरान खान की रिहाई की संभावनाएं तब खत्म हो गईं जब
उन्हें कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में जमानत मिलने के कुछ घंटों बाद एक विरोध प्रदर्शन
मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने बुधवार को
उन्हें महंगे बुल्गारी आभूषण सेट की बेहद कम कीमत पर खरीद से संबंधित दूसरे तोशाखाना
मामले में जमानत दे दी, जिससे उनकी रिहाई की उम्मीदें जग गईं। हालांकि, कुछ घंटों बाद
रावलपिंडी पुलिस ने आतंकवाद और अन्य आरोपों पर न्यू टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले
में देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोप लगाया कि रावलपिंडी की अदियाला जेल
में कैद रहने के दौरान खान ने 28 सितंबर को रावलपिंडी में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया
था। डॉन अखबार ने एक पुलिस प्रवक्ता के हवाले से कहा कि खान को 28 सितंबर को दर्ज
मामले में हिरासत में लिया गया है और एक टीम बनाई गई है। आरोपों की जांच का जिम्मा
सौंपा गया।
जेल से रिहा होते ही फिर दूसरे मामले में गिरफ्तार इमरान खान
आरोपों में आतंकवाद विरोधी अधिनियम का उल्लंघन, सार्वजनिक समारोहों पर सरकारी प्रतिबंध की
अवहेलना, पुलिस ड्यूटी में बाधा डालना, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाना और सार्वजनिक सुरक्षा
को खतरे में डालना शामिल है। मामले में औपचारिक गिरफ्तारी से पहले ही, संघीय सूचना मंत्री अट्टा
तरार ने यह कहकर उनकी रिहाई के विचार को खारिज कर दिया कि खान 9 मई, 2023 की हिंसा से
संबंधित आठ मामलों में वांछित थे और उन्हें जेल से मुक्त होने से पहले जमानत लेनी चाहिए। डॉन
ने बताया कि खान को रिहा होने से पहले लाहौर, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में दर्ज लगभग दो
दर्जन अन्य मामलों में जमानत लेने की जरूरत है। इस्लामाबाद पुलिस के अनुसार, खान के खिलाफ
राजधानी के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कम से कम 62 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि उनकी
पीटीआई पार्टी ने कहा कि अन्य 54 मामले पंजाब प्रांत में दर्ज किए गए थे। इस बीच, एक जवाबदेही
अदालत ने बुधवार को अदियाला जेल में 190 मिलियन पाउंड के जीबीपी मामले पर सुनवाई की
और बताया गया कि खान और बुशरा बीबी ने अभी तक उन्हें जारी किए गए प्रश्नावली के जवाब
प्रस्तुत नहीं किए हैं।