
दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के चयन की कवायद तेज
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराने वाले जाट समुदाय के नेता प्रवेश
वर्मा जैसे प्रमुख चेहरे और सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, आशीष सूद एवं पवन शर्मा जैसे संगठन
के अनुभवी नेताओं की चर्चा हो रही है, लेकिन भाजपा का इतिहास अपेक्षाकृत कम चर्चित नेताओं
को आगे बढ़ाने का रहा है।भाजपा के एक नेता ने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व राजनीतिक
समीकरणों के आधार पर पूर्वांचल की पृष्ठभूमि वाले किसी विधायक, सिख या महिला पर भी
विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि 2023 में मध्यप्रदेश और राजस्थान तथा पिछले साल
ओडिशा समेत पिछले अनुभव के मद्देनजर ऐसे मामलों पर अटकलों के लिए बहुत कम गुंजाइश
बचती है।भाजपा ने मध्यप्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में भजनलाल शर्मा और ओडिशा में
मोहन चरण माझी को चुना, जिससे अधिकांश राजनीतिक विश्लेषक हैरान रह गए। भाजपा
नेता ने कहा, ‘‘आप कभी नहीं जानते…राष्ट्रीय नेतृत्व एक बिल्कुल नया चेहरा लेकर आ सकता
है, जो इस पद के लिए उपयुक्त हो और लोगों की भारी उम्मीदों के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री के
रूप में कर्तव्यों का निर्वहन करने में सक्षम हो।’’ भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र
सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा। उन्होंने कहा कि सभी
नवनिर्वाचित विधायक उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम हैं।