दिल्ली स्थित पीतमपुरा के गुरु गोविंद सिंह कॉलेज  बिल्डिंग  धू कर जली

दिल्ली स्थित पीतमपुरा के गुरु गोविंद सिंह कॉलेज  बिल्डिंग  धू कर जली
दिल्ली स्थित पीतमपुरा के गुरु गोविंद सिंह कॉलेज  बिल्डिंग  धू कर जली

ये आग कॉलेज में सुबह 9.40 बजे लगी थी। इस आग पर अब काबू पा लिया गया है।

फायर ब्रिगेड विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कॉलेज की लाइब्रेरी जो बिल्डिंग

की पहली मंजिल पर लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारियों में मीडिया को बताया

कि आग बुझाने के लिए 11 गाड़ियां कॉलेज भेजी गई थी। आग पर काबू सुबह 9.40

बजे पाया गया है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के श्री गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स

में बड़ी आग लग गई है। ये आग बड़ी भयंकर थी। दिल्ली के पीतमपुरा स्थित ये कॉलेज

दिल्ली यूनिवर्सिटी का है। इस कॉलेज में लगी आग को बुझाने के लिए 11 फायर ब्रिगेड

की गाड़ियों को घटनास्थल पर लगाया गया है। राहत है कि इस आग में कोई हताहत नहीं

हुआ है।जानकारी के मुताबिक ये आग कॉलेज में सुबह 9.40 बजे लगी थी। इस आग पर

अब काबू पा लिया गया है। फायर ब्रिगेड विभाग केधिकारियों का कहना है कि कॉलेज की

लाइब्रेरी जो बिल्डिंग की पहली मंजिल पर लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारियों में

मीडिया को बताया कि आग बुझाने के लिए 11 गाड़ियां कॉलेज भेजी गई थी।

दिल्ली स्थित पीतमपुरा के गुरु गोविंद सिंह कॉलेज  बिल्डिंग  धू कर जली

काबू सुबह 9.40 बजे पाया गया है।दमकल विभाग के अधिकारी की मानें तो कॉलेज की

पहली मंजिसल पर बनी लाइब्रेरी में ये आग लगी थी। अब घटना स्थल पर कूलिंग ऑपरेशन

को अंजाम दिया जा रहा है। बता दें कि दिल्ली में बीते कई दिनों से तापमान बेहद अधिक

हो गया है। तापमान बढ़ने के कारण लोग गर्मी से बेहद परेशान है। गर्मी बढ़ने के साथ ही

आग लगने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो जाती है।राहत रही कि जिस समय कॉलेज की

लाइब्रेरी में आग लगी तब वहां कोई छात्र या स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे जान माल का

नुकसान होने से बच गया। जैसे ही दमकल विभाग को आग लगने की घटना का पता चला

वैसे ही दमकल विभाग भी एक्टिव हुआ। तत्काल दमकल की गाड़ियों को कॉलेज भेजा गया।

इस दौरान दमकल विभाग के कर्मचारियनों ने भी सतर्कता बरती और आग को अन्य जगहों

पर फैलने से रोका। गर्मी में लगने वाली आग से बचने के लिए एहतियात बरतनी जरुरी है।

लोगों को सतर्क रहना चाहिए। वहीं मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी अधिक बढ़ सकती है।

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