
आशा ने खुद को कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ की शिकार बताते हुए दावा किया
कि दो मुस्लिम लड़कों ने नाम बदल कर उसके साथ प्यार का नाटक किया और
बाद में धोखा दे दिया।उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में खुद को कथित रूप से ‘लव जिहाद’
की शिकार बताने वाली दो युवतियों ने मंगलवार को कचहरी परिसर में स्थित शिव
मंदिर में ‘विवाह’ कर लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।अधिकारी ने बताया
कि आशा और ज्योति नाम की युवतियों ने मंदिर में वकील दिवाकर वर्मा और कई
अन्य लोगों की उपस्थिति में एक दूसरे को जयमाला पहनाकर शादी कर ली।अधिवक्ता
दिवाकर वर्मा ने बताया कि बदायूं कचहरी परिसर में स्थित उनके चेंबर में आशा और
ज्योति नाम की दो युवतियां पहुंची और एक दूसरे से शादी करने की इच्छा प्रकट की।
दो युवतियों ने अदालत परिसर में विवाह किया
वर्मा ने बताया कि उन्होंने दोनों युवतियों से कहा कि कानूनी रूप से एक ही लिंग के होने
की वजह से उनकी शादी नहीं हो सकती, जिसके बाद दोनों लड़कियों ने कलेक्ट्रेट स्थित
शिव मंदिर में एक दूसरे को जयमाला पहनाकर ‘शादी’ कर ली।आशा ने खुद को कथित
तौर पर ‘लव जिहाद’ की शिकार बताते हुए दावा किया कि दो मुस्लिम लड़कों ने नाम
बदल कर उसके साथ प्यार का नाटक किया और बाद में धोखा दे दिया।युवती ने आरोप
लगाया कि कानून ने भी दोषियों को कोई सजा नहीं दी। ज्योति ने भी ऐसे ही आरोप
लगाए और कहा कि भले ही कानूनी रूप से उनकी शादी वैध ना हो लेकिन अब वह
और आशा जीवन भर साथ रहेंगी।बदायूं कचहरी परिसर में एडवोकेट दिवाकर
वर्मा अपने चेंबर में बैठे हुए थे. अचानक से दो लड़कियां. उन्होंने शर्माते हुए शादी
करने की इच्छा जताई. दोनों लड़कियों ने कलेक्ट्रेट स्थित शिव मंदिर में एकदूसरे
को जयमाला पहनाकर शादी कर ली. शादी करने की वजह का जब दोनों ने खुलासा
किया तो वहां पर मौजूद हर शख्स हैरान रह गया.
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