पत्रकारों को धमकाने पर लगेगा जुर्माना 3 साल तक की हो सकती है जेल

पत्रकारों से अभद्रता करने वालों पर लगेगा 50,000 का जुर्माना

पत्रकारों को धमकाने पर लगेगा जुर्माना 3 साल तक की हो सकती है जेल

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

13/9/2022
निधि मीडिया न्यूज हरियाणा हिसार चंडीगढ़

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद पीएम और सीएम का भी ऐलान आया है

कि,पत्रकारों से अभद्रता करने वालों पर लगेगा 50,000 का जुर्माना एवं

पत्रकारों से बदसलूकी करने पर हो सकती है 3 साल की

जेल पत्रकार को धमकाने वाले को 24 घंटे के अंदर जेल भेज दिया जाएगा

पत्रकारों को धमकाने पर लगेगा जुर्माना 3 साल तक की हो सकती है जेल

पत्रकारों को धमकी के आरोप में गिरफ्तार लोगों को आसानी से नहीं मिलेगी जमानत

सीएम योगी का कहना है कि पत्रकारों को परेशानी होने पर तुरंत संपर्क

कर सहायता प्रदान करें और पत्रकारों से मान-सम्मान से बात करें वरना आप को पड़ेगा महंगा।

बदसलूकी करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज होगी FIR नही

तो एसएसपी पर होगी कार्यवाही पत्रकार नही हैं भीड़ का हिस्साlपत्रकारों के

साथ बढ़ती ज्यादती और पुलिस के अनुचित व्यवहार के चलते कई

बार पत्रकार आजादी के साथ अपना काम नही कर पाते हैं

उसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष मार्कण्डेय

काटजू ने राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए निर्देश भी दिया है कि

पुलिस आदि पत्रकारों के साथ बदसलूकी ना करे।

किसी स्थान पर हिंसा या बवाल होने की स्थिति में पत्रकारों को उनके

काम करने में पुलिस व्यवधान नही पहुँचा सकती।

पुलिस जैसे भीड़ को हटाती है वैसा व्यवहार पत्रकारों के साथ नही कर सकती।

पुलिस वालों या अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जायेगा।

पत्रकारों को धमकाने पर लगेगा जुर्माना 3 साल तक की हो सकती है जेल

काटजू ने कहाँ कि,“जिस तरह कोर्ट में एक अधिवक्ता अपने मुवक्किल का हत्या

का केस लड़ता है पर वह हत्यारा नही हो जाता है।उसी प्रकार किसी सावर्जनिक

स्थान पर पत्रकार अपना काम करते हैं पर वे भीड़ का हिस्सा नहीं होते।

इसलिए पत्रकारों को उनके काम से रोकना मीडिया की स्वतंत्रता का हनन करना है।”

प्रेस काउन्सिल ने देश के केबिनेट सचिव,गृह सचिव,सभी राज्यों के मुख्यमंत्री,

मुख्य सचिवों व गृह सचिवों को इस सम्बन्ध में निर्देश भेजा है और

उसमें स्पष्ट कहा है कि,पत्रकारों के साथ पुलिस या

अर्द्धसैनिक बलों की हिंसा बर्दाश्त नही की जायेगी।
सरकारें ये सुनिश्चित करें कि, पत्रकारों के साथ ऐसी कोई कार्यवाही कहीं न हो।
पुलिस की पत्रकारों के साथ की गयी हिंसा मीडिया की स्वतन्त्रता के अधिकार

का हनन माना जायेगा जो संविधान की धारा 19 एक ए में दी गयी है

और इस संविधान की धारा के तहत बदसलूकी करने

वाले पुलिसकर्मी या अधिकारी पर आपराधिक मामला दर्ज होगा।
रिपोर्ट
वीरेंद्र सोनी
ब्यूरो चीफ हरियाणा
निधि मीडिया न्यूज

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