
भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राजगुरु और उनके साथियों-भगत सिंह तथा सुखदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि
अर्पित की। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इन तीनों महान सेनानियों को ब्रिटिश शासकों ने 23 मार्च, 1931
को लाहौर में फाँसी दे दी थी।वकील मियां गुलाम उल्ला जोया ने कहा कि तीनों को झूठे मामले में फांसी दी
गई थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार को उनके बलिदान को पहचानना चाहिए क्योंकि वे लोगों के
लिए प्रकाश की किरण हैं।पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने सेंट्रल असेंबली में भगत सिंह
को दो बार श्रद्धांजलि दी थी और कहा था कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में कभी भी उनके जैसा कोई वीर सेनानी
नहीं रहा।भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान ने शनिवार को यहां स्वतंत्रता संग्राम के नायक
शहीद राजगुरु की 116वीं जयंती मनाई। फाउंडेशन ने कई वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की
उपस्थिति में लाहौर उच्च न्यायालय परिसर में जिन्ना हॉल में केक काटने का समारोह आयोजित किया।