भारतीय सेना 140 करोड़ भारतवासियों के गौरव का प्रतीक है : मुख्‍यमंत्री

Yogi Adityanath
भारतीय सेना 140 करोड़ भारतवासियों के गौरव का प्रतीक है : मुख्‍यमंत्री
भारतीय सेना 140 करोड़ भारतवासियों के गौरव का प्रतीक है और सेना के शौर्य व
पराक्रम पर कोई भी भारतीय संदेह नहीं करता।मुख्‍यमंत्री ने 11 गोरखा राइफल रेजीमेंटल
सेंटर में आयोजित ‘किरांति शौर्य समारोह’ को संबोधित करतेहुए ये बात कही।
योगी ने इस मौके पर सैनिकों के हैरतअंगेज करतब भी देखे। बच्चों ने कराटे व सांस्कृतिक
कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

भारतीय सेना 140 करोड़ भारतवासियों के

गौरव का प्रतीक है : मुख्‍यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ भारतीय सेना का स्वर्णिम इतिहास रहा है। देशवासी इसके शौर्य व

पराक्रम को न केवलजानते हैं, बल्कि अटूट विश्वास भी करते हैं।’’ उन्‍होंने कहा ,

‘‘हमारे सैनिकों ने युद्ध काल व शांतिकाल में देशकी रक्षा व सेवा का आदर्श उदाहरण

प्रस्तुत किया। जीवन की परवाह किए बिना भारतीय जवानों ने कठिनसे कठिन

परिस्थितियों में दुर्गम स्थानों पर रहकर भारत की एकता-अखंडता व संप्रभुता की सदैव रक्षा की है।

भारत की आजादी के बाद गठितपहली रेजीमेंट का गौरव गोरखा राइफल को प्राप्त है।

’’ उन्‍होंने कहा कि अनुशासन, देशभक्ति और युद्ध कौशल गोरखा रेजीमेंट की पहचान है।

गोरखा की शौर्यगाथा का उल्लेख सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विश्व की अनेक सेनाओं ने किया है।

गोरखा अपनी बहादुरी का परिचय शब्दों से नहीं, बल्कि सीमा पर तैनाती के दौरान अपनी

वीरतापूर्ण कार्रवाई से देते हैं। एक बयान में कहा गया कि आतंकियों से निपटने में

सक्षम भारतीय सेना की शौर्य गाथा को देख दर्शकों ने तालियों से सैनिकों का उत्साहवर्धन किया।

भारतीय सेना के अदम्य साहस के गौरवशाली क्षण

भारतीय सेना के अदम्य साहस के गौरवशाली क्षण को देख योगी भी अभिभूत हो गए।

मुख्‍यमंत्री नेवीर नारियों को सम्मानित भी किया और रेजीमेंटल सेंटर के सफलतापूर्वक

75 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी।मुख्‍यमंत्री ने कहा,‘‘ वीर व पराक्रमी जवानों की 11वीं गोरखा

रेजीमेंट लखनऊ में है। अपनी स्थापना के बादकई युद्ध लड़े हैं, वर्ष 1983 में लखनऊ में

आने के बाद इस रेजीमेंट ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। यहां के वीरजवानों ने शौर्य व पराक्रम से

इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया है, इस रेजीमेंट ने देश को

कैप्टन मनोज पांडेय जैसे शूरवीर दिए हैं।’’ उन्‍होंने कहा कि प्रदेश सरकार सेवारत,

सेवानिवृत्त सैनिकों व वीर नारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से

कार्य कर रही है। सीमाओं पर सुरक्षा में प्राणों की आहूति देने वाले सैनिकों के

परिजनों को प्रदेश सरकार 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि व सरकारी नौकरी की

व्यवस्था भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गोरखपुर में प्रदेश के पांचवें

सैनिक स्कूल के निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर बढ़ा रही है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »