
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मध्य प्रदेश के चित्रकूट में जनसभा को
संबोधित करते हुए कहा कि10 साल पहले भारत के सामान्य व्यक्ति के मन में घर
कर चुका था कि अब कुछ बदलने वाला नहीं है। ये तो ऐसे ही चलेगा। राजनीति तो
ऐसे ही होती है। यहां तो सब बेईमान हैं… साधारण आदमी के मन में राजनीति को
लेकर ये विचार बन गए लेकिन पीएम मोदी के आने के बाद भारत की राजनीति
में सब कुछ बदल सकता है… 10 साल पहले राजनीति का अर्थ क्या होता था?…
वोट बैंक की राजनीति, तुष्टीकरण, भाई को भाई से लड़ाओ, जाति को जाति से
लड़ाओ। लेकिन पीएम मोदी ने 10 साल में विकासवाद की राजनीति को आगे
बढ़ाया और मंत्र रखा, ‘सबका साथ सबका विकास।राहुल गांधी के एक सिपहसालार
और सलाहकार ने चमड़ी के आधार पर भारत को बांटने की बात की है। ऐसे लोग
भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आजकल राहुल गांधी संविधान की
कॉपी लेकर घूम रहे हैं। संविधान में बाबा साहेब अंबेडकर ने लिखा है कि धर्म के नाम
पर नहीं होगा। जबकि कांग्रेस हमारे दलित, आदिवासी, पिछड़े और अतिपिछड़ा
भाइयों के अधिकार पर डाका डालकर धर्म के आधार पर आरक्षण देना चाहते हैं।
ये घमंडिया गठबंधन केवल दो बातों का गठबंधन है। मोदी जी कहते हैं – भ्रष्टाचारी
हटाओ, घमंडिया गठबंधन वाले कहते हैं – भ्रष्टाचारियों को बचाओ। ये घमंडिया
गठबंधन भ्रष्टाचारियों का जमावड़ा है। ये सब परिवारवादी लोग हैं।
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अब चित्रकूट
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अब चित्रकूट को भी शामिल कर लिया गया है।
इसके यहां आने से चित्रकूट और बांदा की तस्वीर बदल जाएगी और यहां के
नौजवानों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। एक समय उत्तर प्रदेश बीमारू
राज्य था। लेकिन आज मोदी जी और योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के
अग्रणी राज्यों में आकर खड़ा हो गया है। मोदी जी ने सबका साथ, सबका विकास,
सबका विश्वास, सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए गांव, गरीब, शोषित,
वंचित, पीड़ित, युवा, किसान और महिलाओं को मजबूती देने का काम किया।
आज देश में रिपोर्ट कार्ड, जवाबदेही, विकासवाद और सबको साथ लेकर चलने
की राजनीति चल रही है। ये मोदी जी की संस्कृति है। जो कहा था, वो किया है
और जो नहीं कहा था, वो भी करके दिया है।
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में बोले जेपी नड्डा
10 साल भारत की राजनीति में परिवारवाद, जातिवाद, व्यक्तिवाद, भ्रष्टाचार,
वोटबैंक और तुष्टिकरण ही चलता था। लेकिन मोदी जी ने 10 साल में
जातिवाद, क्षेत्रवाद और तुष्टिकरण की राजनीति के साथ लोहा लेते हुए,
विकासवाद की राजनीति को आगे बढ़ाया और मंत्र रखा – सबका साथ,
सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। 10 साल पहले भारत
के सामान्य नागरिक के मन में ये विचार घर कर चुका था कि अब कुछ
बदलने वाला नहीं है, राजनीति ऐसी ही होती है, यहां गुंडों का राज चलता
रहेगा। लेकिन मोदी जी के आने बाद भारत की राजनीति में सबकुछ बदला
है, ये चुनाव आप भाजपा को तो जीता ही रहे हैं, साथ ही आप विकसित
भारत के संकल्प को पूरा करने की ओर चल पड़े हैं।