मैतेई समूह ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया

 मैतेई समूह ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया
मैतेई समूह ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया
मणिपुर के इंफाल घाटी का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। यहां अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू
लागू कर दिया गया है और साथ ही इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। इन सब के बीच
नागरिक समाज समूहों ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। इसमें
उन्होंने सशस्त्र उग्रवादी समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की है।बता दें, जिरीबाम
जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 10
उग्रावादी मारे गए थे। लेकिन राहत शिविर में रहने वाली तीन महिलाएं और तीन बच्चे
लापता हो गए थे। शनिवार को दो महिलाओं और एक बच्चे का शव बराक नदी से बरामद
किया गया जबकि शुक्रवार रात को एक महिला एवं दो बच्चों के शव मिले थे। ऐसा आरोप
है कि उग्रवादियों ने इन महिलाओं और बच्चों का अपहरण कर हत्या की है। इसके बाद से
घाटी में हिंसा भड़की हुई है।लोगों ने इन हत्याओं के विरोध में इंफाल घाटी में हिंसक प्रदर्शन
किए। इतना ही नहीं लोगों ने राज्य के तीन मंत्रियों तथा छह विधायकों के आवास पर
भी हमला किया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह
के दामाद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आर के इमो सहित तीन
विधायकों के घरों में तोड़फोड़ की और उनकी संपत्तियों में आग लगा दी।

मैतेई समूह ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मणिपुर के मंत्रियों और विधायकों के आवासों पर

प्रदर्शनकारियों के धावा बोलने के बाद प्रशासन ने सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी

रूप से निलंबित कर दी हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के दामाद इमो के अलावा,

प्रदर्शनकारियों ने भाजपा विधायक सपाम कुंजाकेसोर और विधायक जॉयकिशन सिंह

की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया। अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने

वांगखेई सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक टी. अरुण और लंगथाबल से

भाजपा विधायक करम श्याम के आवास का भी घेराव किया।एक अन्य अधिकारी

ने बताया कि प्रदर्शनकारी पश्चिम इंफाल में तिद्दिम रोड स्थित केशामथोंग के निर्दलीय

विधायक सपाम निशिकांत सिंह के आवास पर उनसे मिलने आए थे, लेकिन जब उन्हें

पता चला कि वह राज्य में मौजूद नहीं हैं तो उन्होंने विधायक के स्वामित्व वाले एक

स्थानीय समाचार पत्र के कार्यालय पर हमला कर दिया। भीड़ ने कार्यालय की इमारत

के सामने कुछ अस्थायी संरचनाओं को भी नष्ट कर दिया।

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