
योगी ने परिवार के लिए मदद का किया ऐलान
हम आपको याद दिला दें कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस के विशेष कार्य बल
(एसटीएफ) के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी अपराधी और उसके तीन
साथी मारे गए थे। एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अमिताभ यश ने
एक बयान में बताया था, ‘‘सोमवार तथा मंगलवार की दरम्यानी रात एसटीएफ (मेरठ)
की टीम के साथ हुई मुठभेड़ में मुस्तफा कग्गा गिरोह के सदस्य अरशद और उसके
तीन अन्य साथी मंजीत, सतीश एवं एक अज्ञात मारे गए।’’ यश ने बताया था,
‘‘अरशद, सहारनपुर के बेहट थाने में दर्ज लूट के एक मामले में वांछित था। मेरठ जोन
के अपर पुलिस महानिदेशक ने उस पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी
थी। अरशद के खिलाफ डकैती, लूट और हत्या के लगभग 21 मामले दर्ज हैं।’’एसटीएफ
के एक बयान के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने .30 बोर
की कार्बाइन, .30 बोर की एक पिस्तौल, .32 बोर की एक पिस्तौल, 315 बोर के दो
तमंचे, 315 बोर का एक पौनिया, 25 अदद जिंदा कारतूस .30 बोर के अलावा विभिन
बोर के कारतूस बरामद किए गए थे। आरोपियों की सफेद रंग की ब्रेजा कार भी पुलिस
ने जब्त कर ली थी। एसटीएफ के अनुसार 2011 में कुख्यात सरगना मुस्तफा उर्फ
कग्गा के पुलिस मुठभेड़ में सहारनपुर में मारे जाने के बाद इस गिरोह की कमान शातिर
अपराधी मुकीम काला ने संभाली थी। मुकीम काला को 2015 में एसटीएफ ने गिरफ्तार
कर लिया। वर्ष 2021 में चित्रकूट जिला कारागार में गैंगवार में मुकीम काला मारा गया।
उसकी मौत के बाद अरशद ने गिरोह की कमान संभाल ली थी। एसटीएफ के मुताबिक
हरियाणा के शूटर मनजीत दहिया को साथ मिलाकर अरशद ने गैंग को पुनर्जीवित किया
और हत्या, लूट समेत विभिन्न आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया।