
राजनीति में तेजी से बढ़ा अनुराग ठाकुर का कद
बता दें कि मई 2008 में हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार अनुराग ठाकुर भाजपा
से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। फिर साल 2009 में उनको दूसरी बार लोकसभा
के सदस्य के तौर पर चुना गया। राजनीतिक सक्रियता के अलावा वह खेलों से भी जुड़े
हैं। साल 2001 में अनुराग ठाकुर भारतीय जूनियर क्रिकेट टीम के चयनकर्ता थे।
फिर वह हिमाचल प्रदेश के क्रिकेट एसोशिएशन के अध्यक्ष चुने गए। मई 2016 में
वह भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष चुने गए। वहीं साल 2016 में ही अनुराग
ठाकुर भारतीय जनता पार्टी के पहले ऐसे सांसद बनें, जिनको प्रादेशिक सेना में
नियमित कमिशन्ड ऑफिसर बनाया गया।अगर अनुराग ठाकुर की पर्सनल लाइफ
की बात करें, तो इन्होंने साल 2002 में शेफाली से शादी की थी। इनकी पत्नी शेफाली
हिमाचल के लोक निर्माण विभाग PWD मंत्री रहे गुलाब सिंह ठाकुर की बेटी हैं।
अनुराग और शेफाली के दो बेटे जयादित्य और उदयवीर हैं।साल 2011 में अनुराग
ठाकुर ने ‘लाल चौक जाएंगे, तिरंगा वहीं फहराएंगे’ का नारा देते हुए कश्मीर के लाल
चौक पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करने का
काम किया था। हालांकि उस दौरान इस बात पर काफी ज्यादा विवाद हुआ था।
इसके बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय रिठाला में हुए एक रैली में उन्होंने
‘देश के गद्दारों को गोली मारो सालों को’ का नारा दिया था। तब भी उनके इस नारे
पर काफी विवाद खड़ा हो गया था। अनुराग ठाकुर देश के गृहमंत्री अमित शाह के
करीबी माने जाते हैं।