राज्यसभा में हंगामे के बीच बोले सभापति जगदीप धनखड़

राज्यसभा में हंगामे के बीच बोले सभापति जगदीप धनखड़
राज्यसभा में हंगामे के बीच बोले सभापति जगदीप धनखड़
विपक्षी सांसदों के साथ बहस करते हुए धनखड़ ने एक बार कहा कि वह देश के लिए मरेंगे। धनखड़
ने खड़गे और अन्य कांग्रेस सांसदों से हाथ जोड़ते हुए कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं। मैं देश के
लिए मर जाऊंगा। संसद में 24 घंटे आपका यही एकमात्र मुद्दा है- एक किसान का बेटा यहां
उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर क्यों बैठा है। बोलने से पहले सोचें। मैंने काफी सहन किया है।अपने
खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जारी विवाद के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच शुक्रवार को राज्यसभा में एक बार फिर नोकझोंक
हुई, जिससे संसद के ऊपरी सदन में हंगामा मच गया। विपक्षी सांसदों के साथ बहस करते
हुए धनखड़ ने एक बार कहा कि वह देश के लिए मरेंगे। धनखड़ ने खड़गे और अन्य कांग्रेस
सांसदों से हाथ जोड़ते हुए कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं।

राज्यसभा में हंगामे के बीच बोले सभापति जगदीप धनखड़

मैं देश के लिए मर जाऊंगा। संसद में 24 घंटे आपका यही एकमात्र मुद्दा है- एक किसान का बेटा

यहां उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर क्यों बैठा है। बोलने से पहले सोचें। मैंने काफी सहन किया है। 

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि किसी भी हालत में कमजोर नहीं पड़ूंगा। राज्यसभा एलओपी

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं। मैंने आपसे अधिक चुनौतियों का

सामना किया है। आप हमारी पार्टी के नेताओं का अपमान कर रहे हैं, आप कांग्रेस का अपमान

कर रहे हैं। हम यहां आपकी प्रशंसा सुनने नहीं आये हैं, हम यहां चर्चा करने आये हैं। संसद में

24 घंटे आपका यही एकमात्र मुद्दा है- एक किसान का बेटा यहां उपराष्ट्रपति की कुर्सी पर क्यों

बैठा है। बोलने से पहले सोचें। मैंने काफी सहन किया है।अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को

लेकर जारी विवाद के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन

खड़गे के बीच शुक्रवार को राज्यसभा में एक बार फिर नोकझोंक हुई, जिससे संसद के ऊपरी

सदन में हंगामा मच गया।

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