राहुल गांधी के आरोपों पर देवेन्द्र फडणवीस का पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर देवेन्द्र फडणवीस का पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर देवेन्द्र फडणवीस का पलटवार
देवेन्द्र फडणवीस ने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी आत्मनिरीक्षण नहीं करेंगे और झूठ से खुद को
सांत्वना देते रहेंगे – तो उनकी पार्टी का पुनरुद्धार संभव नहीं है। राहुल गांधी को अपनी हार का
आत्ममंथन करना चाहिए।महाराष्ट्र चुनाव ने नतीजों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज
बड़ा आरोप लगाया है। अब इसी को लेकर महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने पलटवार
किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी सवालों का बेबाकी से जवाब दिया है। उन्होंने
तंज भरे लहजे में कहा कि राहुल गांधी कवर फायर कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि 8 फरवरी
के दिल्ली चुनाव नतीजों के बाद उनकी पार्टी दिल्ली में कहीं नहीं रहेगी और इसलिए उस दिन
वह क्या बोलेंगे, कैसे नया नैरेटिव गढ़ेंगे, वह उसी के लिए अभ्यास कर रहे हैं।  

राहुल गांधी के आरोपों पर देवेन्द्र फडणवीस का पलटवार

देवेन्द्र फडणवीस ने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी आत्मनिरीक्षण नहीं करेंगे और झूठ से

खुद को सांत्वना देते रहेंगे – तो उनकी पार्टी का पुनरुद्धार संभव नहीं है। राहुल गांधी को अपनी

हार का आत्ममंथन करना चाहिए। इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, शिवसेना (यूबीटी)

सांसद संजय राउत और एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने दिल्ली में एक संयुक्त

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा कि हम इस टेबल पर पूरे

विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने महाराष्ट्र में पिछला चुनाव लड़ा था। हम चुनाव

के बारे में कुछ जानकारी लेकर आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हमने मतदाताओं और

मतदान सूची के विवरण का अध्ययन किया। हमारी टीमें काम कर रही हैं और हमें कई

अनियमितताएं मिली हैं।राहुल ने कहा कि देश के लिए, विशेषकर युवा लोगों के लिए जो

लोकतंत्र के पक्षधर हैं और उसमें विश्वास करते हैं, इन निष्कर्षों से अवगत होना और

समझना आवश्यक है। राहुल ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव से 2024 के

लोकसभा चुनाव के बीच 5 साल में 32 लाख मतदाता जुड़े। हालाँकि, लोकसभा 2024

में इन पार्टियों (कांग्रेस, एनसीपी-एससीपी, शिवसेना (यूबीटी)) की जीत और विधानसभा

चुनावों के बीच 5 महीने की अवधि में – 39 लाख मतदाता जुड़े। सवाल ये है कि ये 39

लाख वोटर कौन हैं? कांग्रेस नेता ने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के कुल मतदाताओं की1

संख्या के बराबर है। दूसरा मुद्दा यह है कि महाराष्ट्र में राज्य की कुल मतदान आबादी

से अधिक मतदाता क्यों हैं? 

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