
विकसित भारत विकसित राजस्थान’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे मोदी
नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित भारत विकसित राजस्थान’
कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के दौरान 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास
परियोजनाओं का उद्घाटन , लोकार्पण और आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं सड़क, रेलवे, सौर ऊर्जा, विद्युत
ट्रांसमिशन, पेयजल तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री राजस्थान में 5000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का
उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 8-लेन के दिल्ली-मुंबई ग्रीन फील्ड अलाइनमेंट (एनई-4) के तीन पैकेजों
अर्थात बौंली-झालाई रोड से मुई विलेज सेक्शन, हरदेवगंज गांव से मेज नदी सेक्शन, और तकली से
राजस्थान/मध्य प्रदेश सीमा तक के खंड का उद्घाटन करेंगे। यह खंड क्षेत्र में तेज और बेहतर कनेक्टिविटी
प्रदान करेगा। यह खंड वन्यजीवों के निर्बाध आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए छलावरण के
साथ पशु अंडरपास और पशु ओवरपास से लैस हैं। इसके अतिरिक्त,वन्यजीवों पर ध्वनि प्रभाव
को कम से कम करने के लिए ध्वनि अवरोधकों का भी प्रावधान किया गया है।प्रधानमंत्री काया गांव में
एनएच-48 के दक्षिणपुर-शामलाजी सेक्शन के साथ देबारी में एनएच-48 के चित्तौड़गढ़-उदयपुरराजमार्ग
खंड को जोड़ने वाले 6-लेन ग्रीनफील्ड उदयपुर बाईपास का भी उद्घाटन करेंगे। यह बाईपास उदयपुर शहर
कीभीड़भाड़ कम करने में सहायक होगा। प्रधानमंत्री कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटनकरेंगे जो
राजस्थान के झुंझुनू, आबू रोड और टोंक जिलों में सड़क आधारभूत अवसंरचना में सुधार करेंगी।
श्री मोदी क्षेत्र में रेल अवसंरचना को मजबूत करते हुए लगभग 2300 करोड़ रुपये की
आठ महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित
राजस्थान की आठ महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे। जिन रेल
परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा उनमें जोधपुर-राय का बाग-मेड़ता रोड-बीकानेर सेक्शन (277 किलोमीटर),
जोधपुर-फलोदी सेक्शन (136 किमी) और बीकानेर-रतनगढ़-सादुलपुर-रेवाड़ी सेक्शन (375 किमी) सहित रेल मार्गों के
विद्युतीकरण के लिए विभिन्न परियोजनाएंशामिल हैं। प्रधानमंत्री ‘खातीपुरा रेलवे स्टेशन’ को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
इस रेलवे स्टेशन को जयपुर के लिए एक सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया गया हैऔर यह ‘टर्मिनल सुविधा’ से
लैस है जहां ट्रेनें शुरू और समाप्त हो सकती हैं।प्रधानमंत्री जिन रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे उनमें भगत की कोठी
(जोधपुर) में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की रखरखाव सुविधा, खातीपुरा (जयपुर) में वंदे भारत, एलएचबी आदि सभी प्रकार के रेकों का
रखरखाव, हनुमानगढ़ में ट्रेनों के रखरखाव के लिए कोच केयर कॉम्प्लेक्स का निर्माण और बांदीकुई से आगरा फोर्ट रेल लाइन
का दोहरीकरण हैं। रेलवे क्षेत्र की परियोजनाओं का उद्देश्य रेल अवसंरचना का आधुनिकीकरण, सुरक्षा उपायों को बढ़ाना,
कनेक्टिविटी में सुधार करना तथा माल और लोगों की आवाजाही को अधिक कुशलता के साथ सुविधाजनक बनाना है।