
में दो महिलाओं समेत तीन माओवादी मारे गए। पुलिस अधीक्षक, नीलोत्पल ने
कहा कि एक खुफिया सूचना मिली थी कि माओवादियों के पेरीमिली दलम के
सदस्य अपने चल रहे सामरिक जवाबी आक्रामक अभियान के दौरान विध्वंसक
गतिविधियों को अंजाम देने के इरादे से भामरागड तालुका के कतरनगट्टा गांव
के पास एक जंगल में डेरा डाले हुए थे। खुफिया जानकारी के जवाब में गढ़चिरौली
पुलिस की एक विशेष लड़ाकू शाखा सी-60 कमांडो की दो इकाइयों को तुरंत क्षेत्र
की तलाशी के लिए भेजा गया।
सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ तीन नक्सली मारे गए
सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों ने कमांडो पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी,
जिसके बाद सी-60 जवानों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। गोलीबारी बंद होने
के बाद घटनास्थल पर एक पुरुष और दो महिला माओवादियों के शव मिले।
मृतकों में से एक की पहचान पेरीमिली दलम के प्रभारी और कमांडर वासु के रूप
में हुई। इसके अतिरिक्त, स्थान पर एक एके-47 राइफल, एक कार्बाइन, एक
इंसास राइफल, नक्सली साहित्य और अन्य सामान पाए गए। पुलिस ने पुष्टि
की कि इलाके में नक्सल विरोधी अभियान जारी है। गौरतलब है कि माओवादी
अपने कैडरों को मजबूत करने और सुरक्षा बलों पर बड़े हमले करने के लिए
मार्च से जून तक टीसीओसी करते हैं, क्योंकि इस अवधि के दौरान जंगल हरे
आवरण से रहित होते हैं, जिससे दृश्यता बढ़ जाती है।
पुलिस अधीक्षक, नीलोत्पल ने
कहा कि एक खुफिया सूचना मिली थी कि माओवादियों के पेरीमिली दलम के
सदस्य अपने चल रहे सामरिक जवाबी आक्रामक अभियान के दौरान विध्वंसक
गतिविधियों को अंजाम देने के इरादे से भामरागड तालुका के कतरनगट्टा गांव
के पास एक जंगल में डेरा डाले हुए थे।