
लखनऊ। आम आदमी पार्टी की सांसद नेता और राज्य महिला आयोग की
अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के संग दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के
साथ केजरीवाल के एक स्टाफ द्वारा की गई बदसलूकी का मामला दिल्ली की
सरहद पार करके उत्तर प्रदेश की राजधानी में भी गरमाने लगा है। इस मामले
की तपिश में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी झुलसते नजर आ
रहे हैं। लखनऊ में प्रेस कांफ्रेस के दौरान जिसमें अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल
और संजय सिंह मौजूद थे, उसमें जब केजरीवाल से स्वाति मालीवाल के मुद्दे पर
सवाल पूछा गया तो अखिलेश यादव माइक संभालते हुए बोलने लगे कि और भी
कुछ जरूरी मुद्दे हैं। मीडिया के समाने अखिलेश द्वारा स्वाति मालिवाल को लेकर
दिये गये उक्त बयान को बीजेपी ने महिलाओं के अपमान से जोड़ लिया है।
भारतीय जनता पार्टी ने बाकयदा प्रेस कांफ्रेस करके नेता अखिलेश के बयान
भारतीय जनता पार्टी ने बाकयदा प्रेस कांफ्रेस करके नेता अखिलेश के बयान को
पूर्व सपा प्रमुख दिवंगत मुलायम सिंह यादव के उस बयान से जोड़कर उस पर
कटाक्ष कर रहे हैं जिसमें उन्होंनें (मुलायम सिंह यादव) कहा था कि लड़के हैं उनसे
गलती हो जाती है, कोई फांसी पर थोड़ी लटका दिया जायेगा। बता दें मुलायम का
यह बयान तब सामने आया था जब उनसे लड़कियों से बलात्कार के संबंध में एक
सवाल पूछा गया था। बता दें बदसलूकी की घटना के बाद पहली बार अरविंद केजरीवाल
लखनऊ में मीडिया से रुबरु हो रहे थे। अखिलेश ने केजरीवाल की तरफ से मोर्चा
संभालते हुए मात्र पांच शब्दों ने पूरे मामले को खारिज करने की कोशिश की थी,
लेकिन ऐसा हो नहीं सका। उन्होंने जेब से एक कागज निकालते हुए कहा… और
भी कुछ जरूरी मुद्दे..। सोशल मीडिया पर अखिलेश का यह वीडियो जमकर साझा
किया जा रहा है। पूरे उतर प्रदेश में इसकी तपिश महसूस की जा रही है। दिल्ली
सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल 16 मई को लखनऊ पहुंचे थे। यहां वह
अखिलेश के साथ मिलकर बीजेपी के खिलाफ मोर्चाबंदी की रणनीति तैयार कर
रहे थे इसी को लेकर मीडिया से आमना सामना हुआ। मगर इस सवाल पर
अरविंद केजरीवाल के मुंह से एक शब्द नहीं निकला।
स्वाति मालीवाल के अपमान पर यह क्या बोल गये अखिलेश यादव
मीडिया की तरफ से स्वाति मालीवाल से हुई बदसलूकी की घटना से जुड़ा
सवाल भी दिल्ली सीएम की तरफ उछाला गया लेकिन इस सवाल का जवाब
अखिलेश ने यह कहते हुए टाल दिया कि और भी जरूरी मुद्दे हैं। यहां आम
आदमी पार्टी की तरफ से संजय सिंह भी मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने मोर्चा
संभाला और बीजेपी से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि कि मणिपुर में करगिल
सेनानी कि पत्नी को निर्वस्त्र किया गया, पीएम चुप रहे। पहलवान बेटियां जब जंतर
मंतर पर धरने पर थी तब स्वाति भी धरने पर बैठी थीं, उस वक्त पुलिस ने मालीवाल
को मारा पीटा और घसीट कर ले गई। उस समय भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी चुप
रहे। स्वाति आम आदमी पार्टी परिवार की हैं भाजपा इस पर राजनीति न करें।खास
बात यह है थी कि स्वाति मालीवाल के साथ जिस शख्स पर अभद्रता करने का
आरोप लग रहा है, वह अरविंद केजरीवाल के साथ लखनऊ भी आया था।