
बांसुरी स्वराज ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान के वादे करने वाली आप सरकार ने न
केवल उन वादों को पूरा करने में विफलता दिखाई है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर ध्यान
देने के बजाय राजनीति को प्राथमिकता दी है। दिल्ली की महिलाएँ अब काम और परिणाम चाहती हैं, न कि
खोखले दावे।आम आदमी पार्टी की महिला अदालत के बाद अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर भारतीय
जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया है। बीजेपी की महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने सांसद बांसुरी स्वराज और
कमलजीत सहरावत के नेतृत्व में अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। बीजेपी ने केजरीवाल पर महिला
सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए और स्वाति मालीवाल केस की याद भी दिलाई। बीजेपी ने कहा कि
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की केजरीवाल के सहयोगी विभव कुमार उनके घर पर ही बदसलूकी
करते हैं। ऐसे में वो महिला सुरक्षा पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं रखते हैं। बांसुरी स्वराज ने कहा कि
महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान के वादे करने वाली आप सरकार ने न केवल उन वादों को पूरा
करने में विफलता दिखाई है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर ध्यान देने के बजाय राजनीति
को प्राथमिकता दी है। दिल्ली की महिलाएँ अब काम और परिणाम चाहती हैं, न कि खोखले दावे।
स्वाति मालीवाल केस की दिलाई याद
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का
आरोप लगाया। त्यागराज स्टेडियम में एक ‘महिला अदालत’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने
आरोप लगाया कि केंद्र के पास दिल्ली पुलिस की शक्तियां होने के बावजूद भाजपा महिलाओं की सुरक्षा को
अपनी प्राथमिकता नहीं मानती है। केजरीवाल ने कहा कि दस साल पहले, आपने मुझे दिल्ली में स्कूलों,
अस्पतालों और पानी की आपूर्ति में सुधार की जिम्मेदारी दी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह
महिलाओं को “वोट बैंक” के रूप में नहीं मानते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी शक्ति
के भीतर सब कुछ किया है। केजरीवाल ने कहा कि आप के सत्ता में आने से पहले, शहर में कोई सीसीटीवी
कैमरे नहीं थे। हमने लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए और बस मार्शल नियुक्त किए।
महिला अदालत का आयोजन 2012 के दिल्ली सामूहिक बलात्कार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर किया
गया था, जिसके कारण राष्ट्रीय आक्रोश फैल गया था और बलात्कार विरोधी कानूनों को सख्त बनाया गया
था। इस कार्यक्रम में यौन उत्पीड़न से बचीं कई महिलाओं ने अपने दुखद अनुभव साझा किए। भीड़ के
सामने अपने अनुभव याद करते हुए कई महिलाएं रो पड़ीं।