इलेक्ट्रिक बसों का रख रखाव भी निजी संचालकों के जिम्मे सौंपा था
राजधानी दिल्ली की राज्य सरकार ने ट्रांसपोर्ट के अंदर की DTC बसों का परिचालन
अब से निजी हाथों में सौंपने का कदम उठाया है इस कार्य को करने के लिए
अब केजरीवाल सरकार ने उचित प्रभंद करने शुरू कर दिये हैं
जिसके लिए उन्होंने एक समिति का निर्माण करा है जिसको इन् बसों की निगरानी
और देखरेख के कार्य के लिए रखा जायेगा साथ ही इस समिति
के कर्मचारियों को बसों के निजी संचालकों के कार्य की एक डेली रिपोर्ट देनी होगी।
अब दिल्ली की DTC बस जाएंगी प्राइवेट हाथो में
हाल ही में केजरीवाल सरकार ने डीटीसी बसों के अंडे जोड़ी गयी नयी
इलेक्ट्रिक बसों का रख रखाव भी निजी संचालकों के जिम्मे सौंपा था ,
और अब वे इस नए कदम से साडी ही डीटीसी बसों को निजी संचालकों
को सौपने का कार्य करेगी। क्या आप जानते हैं की नै दिल्ली में पुब्लिके
सुविधा के परिवाहनो में लगभग 7200 बसें हैं इनको दो श्रेणिओ में रखागया ह
जिनमे से की 3812 बसें सरकार की देखरेख और निगरानी में चलती ह
वहीं दूसरे गुट की बसों के संचालन का कार्य निजी अथवा प्राइवेट संचालकों के हाथ में है।
अब ऐसी स्तिथि मैं अन्य बसों को भी निजी हाथों में सौपने का कार्य तेजी पर हैं
अब ऐसी स्तिथि मैं अन्य बसों को भी निजी हाथों में सौपने का कार्य तेजी पर हैं ,
आपको बतादें की दिल्ली परिवहन निगम में अब इस फैसले से जुडी बैठकें भी होने लगी हैं ,
कर्मचारिओं से पूछने पर मालूम पड़ा की फैसले से जुड़े सभी कार्य तेजी
से शुरू करदिया गया है और साथ ही डीटीसी प्रबंधको
और दिल्ली की सरकार को इसके लिए सूचित भी करा जाने वाला है।
अब दिल्ली की DTC बस जाएंगी प्राइवेट हाथो में
आपको यह जानकारी भी देदें की इस कार्य के लिए वर्कर्स की टीम की एक समिति बनाई गयी है।
आपको यह भी बतादें की कर्मचारियों का केजरीवाल सरकार की तरफ विद्रोह
अब भी कम नहीं हुआ है उनका कहना है की सरकार ने सभी कॉन्ट्रैक्ट
कर्मचारिओं को पक्का करने की बात कहि थी जो अभी तक नहीं हुआ
और अब फेर से वो ऐसे ही फैसले ले रही है
जिससे कर्मचारिओं की स्तिथि मे कोई परिवर्तन नहीं आएगा।
