आतिशी का दावा CAG रिपोर्ट में AAP की शराब नीति की तारीफ

 

आतिशी का दावा CAG रिपोर्ट में AAP की शराब नीति की तारीफ
आतिशी का दावा CAG रिपोर्ट में AAP की शराब नीति की तारीफ
 

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ने मंगलवार को कैग की रिपोर्ट में राष्ट्रीय राजधानी

के खजाने को 2002 करोड़ से अधिक के नुकसान का दावा करने के बाद रद्द की गई नई शराब नीति का बचाव करते

हुए कहा कि ऑडिट दस्तावेज़ ने पुरानी शराब नीति के तहत भ्रष्टाचार को उजागर किया है। उन्होंने दावा किया कि

दिल्ली के लोगों को नुकसान हुआ क्योंकि पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से शराब लाई जा रही थी। सीएम रेखा गुप्ता

द्वारा आज दिल्ली विधानसभा में पेश की गई सीएजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछली सरकार के फैसलों

और शराब नीति के कारण राष्ट्रीय राजधानी के खजाने को 2002 करोड़ रुपये से अधिक का संचयी नुकसान हुआ।

 

आतिशी का दावा CAG रिपोर्ट में AAP की शराब नीति की तारीफ

आतिशी ने कहा कि इस रिपोर्ट ने हमारी बात पर मुहर लगा दी है। शराब कितनी बिक रही थी, इसमें

भ्रष्टाचार था।यह रिपोर्ट बताती है कि 28 फीसदी से ज्यादा भ्रष्टाचार ठेकेदार कर रहे थे और पैसा

दलालों की जेब में जा रहा था। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि शराब की कालाबाजारी हो रही

थी और सबको पता था कि शराब के ठेके किस पार्टीके लोगों के पास हैं। शराब ठेकेदारों ने

गलत तरीके से लागत मूल्य की गणना कर मुनाफा कमाया। उन्होंने कहा कि

आठवें अध्याय में यह रिपोर्ट कहती है कि नई नीति पारदर्शी थी, कालाबाजारी रोकने के उपाय

थे और इससे राजस्व बढ़ना चाहिए था। जब यही नीति पंजाब में लागू की गई तो वहां भी

उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी हुई।आतिशी ने कहा कि इस नीति के कारण 2021 से 2025

तक राजस्व में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर नई नीति को

ठीक से लागू किया जाता, तो सिर्फ एक साल में राजस्व 4,108 करोड़ से बढ़कर 8,911 करोड़

हो जाता। यह नई नीति लागू नहीं की गई, इसलिए 2,000 करोड़ रुपये कम राजस्व एकत्र

हुआ। इसकी जांच होनी चाहिए कि इसे किसने लागू नहीं होने दिया। इसके लिए तीन

लोग जिम्मेदार हैं: दिल्ली एलजी, सीबीआई और ईडी। यह नीति स्पष्ट करती है कि आप

सरकार ने पुरानी नीति को हटाकर सही निर्णय लिया है। हमारी मांग है कि इस सीएजी रिपोर्ट

के आधार पर दिल्ली के उपराज्यपाल, सीबीआई और ईडी से जांच कराई जाए, एफआईआर

दर्ज की जाए और कार्रवाई की जाए। 

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